कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर क्या बोले अरविंद केजरीवाल, PM मोदी को एक सलाह भी
अमेरिका से भारत आए कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए प्रदर्शन किया। उनके इस प्रदर्शन युवाओं का सैलाब उमड़ पड़ा। अरविंद केजरीवाल ने भी इसका समर्थन किया है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन का समर्थन किया है। उन्होंने इसे युवाओं का गुस्सा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक सलाह भी दे दी है। उन्होंने कहा है कि इन युवाओं को एंटी नेशनल बताने के बजाय सरकार को आगे आकर इनके मुद्दों का समाधान ढूंढना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने कहा, कॉकरोच आंदोलन देश के युवाओं के भारी गुस्से औ दर्शाता है। मोदी सरकार को इन्हें एंटी नेशनल करार देने के बजाय इनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। आम आदमी पार्टी इनकी मांगों का समर्थन करती है। प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री को तुरंत बर्खास्त करना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन
इससे पहले सैकड़ों प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के बैनर तले शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठा हुए और इस दौरान सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शनकारियों से यह संदेश देने को कहा कि हम डरते नहीं है।
प्रदर्शन का आह्वान करने वाले दीपके शनिवार सुबह अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। दिल्ली पुलिस से अनुमति मिलने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे, जहां सुबह से ही लोग इकट्ठे होने लगे थे। प्रधान के इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए प्रदर्शनकारी 'कॉकरोच' (तिलचट्टे) के मुखौटे पहने नजर आए। ये मुखौटे प्रदर्शन स्थल पर बांटे जा रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके अलावा उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हिंदू-मुस्लिम की राजनीति बंद करने की मांग करते हुए भी नारेबाजी की और भारत माता की जय के नारे भी लगाए। दीपके ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे केवल देश, महात्मा गांधी एवं बी. आर. आंबेडकर के समर्थन में नारे लगाएं और सांप्रदायिक राजनीति का विरोध करें।
भारत लौटने पर खूब रोईं मां- अभिजीत दीपके
सीजेपी चीफ ने कहा कि उनके अमेरिका जाते समय उनकी मां उतना नहीं रोई थीं, जितना वह उनके लौटने पर रोईं, क्योंकि उन्हें डर था कि भारत लौटने पर उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, यह सिर्फ मेरी मां का डर नहीं है, यह हर उस युवा के माता-पिता का डर है, जो राजनीति पर बोलता है... हम कब तक डर में जीते रहेंगे? उन्हें बता दीजिए, हम डरते नहीं हैं।
भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुए प्रदर्शन में दीपके के साथ बाद में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की एनी राजा और वामपंथी छात्र एवं युवा संगठनों के कार्यकर्ता भी प्रदर्शन में शामिल हुए।
दीपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, मेरे दोस्तों, यह संघर्ष लंबा है। सोशल मीडिया पर प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए हमें एक महीना हो गया है, लेकिन ये लोग इतने बेशर्म हैं कि कार्रवाई करने के बजाय वे ध्यान भटकाने वाले अन्य कामों में लगे हैं, जैसे हमारे अकाउंट हैक करना और हमारी पोस्ट हटवाना। आप हमारी पोस्ट हटा सकते हैं, लेकिन हमें इस जगह से मिटा नहीं सकते। भीड़ ने उनके संबोधन का उत्साह के साथ समर्थन किया।
भाषा से इनपुट




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