नैक के नोटिस पर अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने दिया जवाब, गलती मान वेबसाइट में एरर को बताया कारण
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के नोटिस के जवाब में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वेबसाइट पर ए ग्रेड मान्यता दिखना तकनीकी डिजाइनर एरर की वजह से हुआ।

फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के नोटिस के जवाब में स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वेबसाइट पर ए ग्रेड मान्यता दिखना तकनीकी डिजाइनर एरर की वजह से हुआ। अल-फलाह यूनिवर्सिटी लाल किले के बाहर हुए विस्फोट के मामले में जांच के घेरे में है।
यूनिवर्सिटी के अनुसार, वेबसाइट से ए ग्रेड मान्यता काफी समय पहले हटा दी गई थी, लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण वह दिखाई देती रही। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने नैक को भेजे अपने जवाब में गलती के लिए खेद जताया है और कहा है कि उसकी छात्रों को गुमराह करने की कोई मंशा नहीं थी।
नैक ने यूनिवर्सिटी को 15 दिन का नोटिस भेजकर कहा था कि उसकी ए प्लस मान्यता 2018 में ही समाप्त हो चुकी है, इसके बाद भी वेबसाइट पर ए ग्रेड दिखाया जा रहा था। यूनिवर्सिटी ने भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहुंचे अभिभावक
अल-फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकी गतिविधियां सामने आने के बाद शनिवार को अभिभावक कैंपस पहुंचे और प्रबंधन से मुलाकात की। अभिभावकों ने छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत बातचीत की और कहा कि पढ़ाई-लिखाई व सुरक्षा व्यवस्था में सुधार उनकी प्रमुख मांग है। उन्होंने प्रबंधन से ठोस कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक शांत नहीं बैठने की बात कही। अभिभावकों ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन से बातचीत पूरी होते ही वे पत्रकारवार्ता करेंगे, जिसमें आगे की रणनीति और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर जानकारी साझा की जाएगी।
गौरतलब है कि नैक ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी को अपनी वेबसाइट पर मान्यता संबंधी गलत जानकारी प्रदर्शित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नैक एक स्वायत्त सरकारी निकाय है जो कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता का मूल्यांकन और प्रमाणन करता है।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी की वेबसाइट के मुताबिक, संस्थान की स्थापना हरियाणा विधानसभा द्वारा हरियाणा प्राइवेट यूनिवर्सिटी एक्ट के तहत की गई थी। वेबसाइट के मुताबिक संस्थान की शुरुआत 1997 में एक इंजीनियरिंग कॉलेज के रूप में हुई थी। वर्ष 2013 में, अल-फलाह इंजीनियरिंग कॉलेज को नैक से ‘ए’-श्रेणी की मान्यता प्राप्त हुई। वर्ष 2014 में, हरियाणा सरकार ने इसे यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया। अल-फलाह मेडिकल कॉलेज भी इसी यूनिवर्सिटी से संबद्ध है।
बता दें कि, 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास एक कार में हुए विस्फोट में 13 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे। यह घटना एक ‘‘व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल’’ के भंडाफोड़ के कुछ ही घंटों बाद हुई। गिरफ्तार लोगों में अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े तीन डॉक्टर भी शामिल हैं।
(भाषा के इनपुट के साथ)




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