AAP hopes delhi court decision will provide lifeline for Punjab and MCD elections अदालत के निर्णय से AAP को पंजाब और MCD के चुनावी सफर में ‘संजीवनी’ की उम्मीद, Ncr Hindi News - Hindustan
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अदालत के निर्णय से AAP को पंजाब और MCD के चुनावी सफर में ‘संजीवनी’ की उम्मीद

दिल्ली की शराब नीति को लेकर आए अदालत के फैसले ने आम आदमी पार्टी (आप) को नई ऊर्जा दे दी है। इस निर्णय का सकारात्मक असर अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव एवं दिल्ली निगम चुनाव (एमसीडी) पर भी देखने को मिल सकता है।

Sat, 28 Feb 2026 06:01 AMPraveen Sharma हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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अदालत के निर्णय से AAP को पंजाब और MCD के चुनावी सफर में ‘संजीवनी’ की उम्मीद

दिल्ली की शराब नीति को लेकर आए अदालत के फैसले ने आम आदमी पार्टी (आप) को नई ऊर्जा दे दी है। इस निर्णय का सकारात्मक असर अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव एवं दिल्ली निगम चुनाव (एमसीडी) पर भी देखने को मिल सकता है।

दिल्ली में विधानसभा चुनाव हारने और निगम की सत्ता गंवाने के बाद से ‘आप’ के वरिष्ठ नेता लगभग गायब हो गए थे। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल से लेकर मनीष सिसोदिया तक खुद भी ज्यादा समय दिल्ली की जगह पंजाब को दे रहे थे, लेकिन शुक्रवार को अदालत का निर्णय आते ही जैसे पार्टी में एक नई जान आ गई।

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पुराने अंदाज में दिखे केजरीवाल

अरविंद केजरीवाल अदालत के फैसले के बाद अपने पुराने अंदाज में नजर आए और उन्होंने केन्द्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। इतना ही नहीं उन्होंने दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने तक की चुनौती भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को दे डाली।

दिल्ली में फरवरी 2025 में विधानसभा चुनाव संपन्न हुए, जिसमें ‘आप’ को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में न केवल उनकी पार्टी हारी बल्कि अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, सोमनाथ भारती आदि बड़े नेता भी अपनी विधानसभा सीट हार गए। इस हार के लिए कथित शराब घोटाले को भी जिम्मेदार माना गया क्योंकि इसके माध्यम से केजरीवाल की छवि खराब हुई जो कट्टर ईमानदार होने का दावा करते थे। इसके बाद से पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौरभ भारद्वाज को सौंपी गई, जो अपने स्तर पर लगातार भाजपा पर निशाना साधते रहते हैं। लेकिन केजरीवाल और सिसोदिया ज्यादा सक्रिय नहीं दिखे।

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पंजाब पर ध्यान केंद्रित किया

दोनों ही नेताओं ने दिल्ली की जगह पंजाब पर ध्यान केन्द्रित किया जहां अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं। गोवा, गुजरात आदि राज्यों में भी वह पार्टी को मजबूत करने के प्रयास में कई दौरे करते रहे। यहां तक की दिल्ली में भाजपा सरकार के एक वर्ष पूरे होने पर भी केजरीवाल या सिसोदिया सरकार पर किसी प्रकार का आरोप लगाने के लिए सामने नहीं आए। बीच-बीच में सोशल मीडिया के माध्यम से ही उन्होंने दिल्ली सरकार पर टिप्पणी की।

अदालत के निर्णय ने दोनों नेताओं को ही सिर्फ राहत नहीं दी बल्कि पार्टी कार्यकर्ता भी फैसले के बाद से जोश में आ गए हैं।

फैसले के बाद जोश में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता

अदालत के निर्णय के बाद पार्टी के नेता एवं विधायक शुक्रवार को एकजुट हुए और एक-दूसरे को बधाइयां दीं। पार्टी के कार्यकर्ताओं में भी इस निर्णय के बाद जोश दिख रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस निर्णय का सकारात्मक असर अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव एवं दिल्ली में अगले वर्ष होने वाले निगम चुनाव पर भी देखने को मिल सकता है। अरविंद केजरीवाल अगर इस आरोप से बरी नहीं होते तो पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान दूसरी पार्टियां शराब घोटाले को लेकर ही उन्हें एक बार फिर घेरती। अब वह इस निर्णय का हवाला देकर विपक्षी पार्टी एवं केन्द्र सरकार पर निशाना साधते नजर आएंगे।

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