दहेज व घरेलू विवाद में पति ने ली महिला कमांडो की जान, भाई को फोन करके बोला- तेरी बहन को मार डाला
शादी से पहले काजल हरियाणा के पानीपत में एक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। वहां अंकुर की बहन भी उसके साथ पढ़ती थी। वहीं पर अंकुर चौधरी से काजल की मुलाकात हुई और दोनों के बीच प्यार हो गया था।

दिल्ली से एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां द्वारका जिले के मोहन गार्डन इलाके में राज्य पुलिस की स्पेशल सेल की स्वात यूनिट में तैनात महिला पुलिसकर्मी दहेज व पारिवारिक विवाद की भेंट चढ़ गई। गृह मंत्रालय में तैनात युवती के पति ने डंबल से वार करने के अलावा दीवार व दरवाजों में सिर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती के बड़े भाई को कॉल करके बताया कि वह युवती की हत्या करने जा रहा है और पुलिस उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ पाएगी। इसके बाद युवती का भाई युवती से अस्पताल के आईसीयू में मिला और करीब एक सप्ताह तक जिंदगी की जंग लड़ने के बाद युवती ने 27 जनवरी को अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामले में आरोपी पति अंकुर चौधरी को गिरफ्तार करके अदालत के सामनेष पेश किया। वहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान 27 वर्षीय काजल के रूप में हुई है। उसके बड़े भाई 29 वर्षीय निखिल ने बताया कि वह मूलरूप से गन्नौर, हरियाणा के बाड़ी गांव का रहने वाला है और वर्तमान में एसीपी कार्यालय, पार्लियामेंट स्ट्रीट, नई दिल्ली में बतौर सिपाही तैनात है। उसने बताया कि वह साल 2018 में पुलिस में भर्ती हुआ था जबकि उनकी छोटी बहन काजल साल 2022 में दिल्ली पुलिस में सिपाही पद पर भर्ती हुई थी। फिलहाल वह वह स्वात यूनिट, स्पेशल सेल में तैनात थीं। नौकरी लगने के सालभर बाद काजल ने गृह मंत्रालय दिल्ली कैंट में तैनात अपने कॉलेज के प्यार अंकुर चौधरी से लव मैरिज कर ली। दरअसल शादी से पहले काजल हरियाणा के पानीपत में एक कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई कर रही थी। वहां अंकुर की बहन भी उसके साथ पढ़ती थी। वहीं पर अंकुर चौधरी से काजल की मुलाकात हुई और दोनों को प्यार हो गया। करीब चार साल तक प्रेम संबंध में रहने के उन्होंने नवंबर 2023 में शादी की। उसके परिवार में माता शांति देवी, पिता ओमप्रकाश, बड़ा भाई संदीप और छोटा भाई अंकित है। इसके अलावा दो बहनें भी हैं जिनकी शादी हो चुकी है।
कार की जगह बाइक देने को लेकर मारते थे ताना
काजल की शादी में उसके परिजनों ने बाकी दहेज के साथ बुलेट बाइक भी दी थी। लेकिन इसके बाद भी आरोपी पति व उसके पिताजी ओमप्रकाश दहेज को लेकर काजल को ताना मारते रहते थे। उनका कहना था कि उन्हें बाकी जगह से गाड़ी इत्यादि का ऑफर था लेकिन काजल के परिजनों ने सस्ते में बेवकूफ बना दिया। काजल की सास शांति देवी भी ताने मारती थी कि उनका बेटा सरकारी नौकरी में है और मृतका के परिजनों ने उन्हें थोड़े से गहने देकर किनारा कर लिया। दोनों शादीशुदा बहनें भी जब घर आती थीं तो वो भी इसी बात को लेकर ताना मारती थीं। यहां तक कि एक ननद निधि तो अक्सर अपने भाई अंकित की दूसरी शादी कराने की बात करती थी। एक तरफ काजल पर जहरीली बातों से अत्याचार किया जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ काजल पर घर में काम करने का भी काफी दबाव था। नौकरी से आने के बाद घर के सारे काम भी उसे करने पड़ते थे।
अलग रहने पर लगाता था परिवार से दूर करने व जीवन बर्बाद करने का आरोप
साल 2024 में काजल को बेटा हुआ तो परिजनों को लगा कि अब सब सही हो जाएगा लेकिन फिर भी ताने व झगड़े खत्म नहीं हुए। इस सबसे परेशान होकर पीड़िता ने भाई को सारी बात बताई और काजल के पति अंकुर से बात करके मोहन गार्डन में विपिन गार्डन एक्सटेंशन स्थित गली संख्या दो में चौथे तल पर एक फ्लैट ले लिया और यहां रहने लगे। लेकिन यहां पर जीजा अंकुर रोज काजल के साथ झगड़ा करता और घरवालों से दूर करने व जीवन बर्बाद कर देने का आरोप लगाता रहता। इससे परेशान होकर काजल दोबारा गन्नौर रहने चली गई। इसके बाद फ्लैट पर ये लोग कभी-कभी ही आते थे। ज्यादातर तब जब इनकी ड्यूटी सख्त होती थी।
कॉल करके बोला कि हत्या करने जा रहा हूं, पुलिस कुछ नहीं कर पाएगी
हत्या से पहले सितंबर 2025 में भी काजल ने निखिल को बताया कि अंकुर कहीं बाहर गया हुआ है और उसकी सास, ससुर, जेठ और देवर ने उसको झगड़ा करके घर से बाहर निकाल दिया है। निखिल अपनी मां के साथ उनके घर गए और काफी मिन्नतें कीं तो उनका जीजा अंकुर भी तब तक वहां आ गया। इसके बाद चीजें सामान्य हो गईं और इस बीच गणतंत्र दिवस की ड्यूटी पर काजल थोड़ी ज्यादा व्यस्त हो गई। इसलिए 20 जनवरी को वह अंकुर के साथ मोहन गार्डन वाले फ्लैट पर ही रुक गई। 22 जनवरी को रात करीब 10 बजे निखिल को उसके जीजा अंकुर का कॉल आया और कॉल कनेक्ट होते ही उसने गाली देते हुए निखिल से बोला कि आज वह उसकी बहन को जान से मार रहा है। सबूत के लिए वो कॉल रिकॉर्ड कर ले और पुलिस उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। इसके बाद निखिल ने अपनी बहन को कॉल किया लेकिन फोन नहीं उठा। पांच मिनट बाद दोबारा आरोपी जीजा अंकुर का कॉल आया और बोला कि उसकी बहन मर गई है। अब वो भी आ जाए।
मौत की खबर सुनते ही दोस्त व दादा के साथ बहन के घर गया भाई
जीजा अंकुर के मुंह से बहन की मौत की खबर सुनते ही निखिल अपने दादाजी और दोस्त मनीष के साथ दिल्ली के लिए चल दिए। रास्ते में दोबारा अंकुर से बात हुई तो उसने बताया कि मोहन गार्डन स्थित तारक अस्पताल आ जाओ। इसके बाद निखिल ने पुलिस को कॉल कर दिया। पीसीआर टीम के मौके पर पहुंचने के बाद काजल के परिजन अस्पताल में अंदर गए तो उनकी बहन गंभीर हालत में आईसीयू में भर्ती थी। उसके सिर में काफी चोटें आईं थीं। अगले दिन पीड़ित ने बयान दिया और पुलिस ने बयान के आधार पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया। बाद में हालत गंभीर होने पर उसे इलाज के लिए गाजियाबाद के नेहरू नगर स्थित एक अस्पताल ले जाया गया। वहां उपचार के दौरान 27 जनवरी को काजल की मौत हो गई। इसके बाद मामला हत्या की धारा में दर्ज कर लिया गया और आरोपी अंकुर को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।




साइन इन