'2500 KG अमोनियम नाइट्रेट से हजार से अधिक बम…', दिल्ली पुलिस के पूर्व जॉइंट CP करनैल सिंह
टेरर मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट के पूर्व जॉइंट कमिश्नर करनैल सिंह के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद बरामद हुआ 2500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बड़ी तबाही का जरिया बन सकता था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आतंकी मॉड्यूल के खुलासे के बाद बरामद हुआ 2500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बड़ी तबाही का जरिया बन सकता था। टेरर मामलों के विशेषज्ञ माने जाने वाले दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर यूनिट के पूर्व जॉइंट कमिश्नर करनैल सिंह के अनुसार, एक बम बनाने में एक से दो किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाए तो 2500 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट से हजार से ज्यादा बम तैयार किए जा सकते हैं। इससे एक-दो शहरों के ही कुछ हिस्सों में ही नहीं, बल्कि कई शहरों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई जा सकती है।
उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन विस्फोटक के तौर पर आरडीएक्स का ही इस्तेमाल करते थे, लेकिन अब अमोनियम नाइट्रेट आधारित बम तैयार कर उसे प्लांट करना शुरू किया। तभी से इसका प्रचलन तेजी से फैला।
अमोनियम नाइट्रेट का पहले भी प्रयोग
बता दें कि, दिल्ली में सोमवार शाम को लाल किले बाहर जोरदार विस्फोट हो गया। अभी एजेंसियां पता लगा रही हैं कि इस धमाके का कारण क्या रहा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है, जब दिल्ली में धमाके हुए हैं। इससे पहले जब 2008 और 2011 में विस्फोट हुआ था, तब जांच में अमोनियम नाइट्रेट के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 13 सितंबर, 2008 को दिल्ली में कई जगह पर बम धमाके हुए थे। तब सरकारी एजेंसियों को जांच में पता चला था कि सभी सिलसिलेवार विस्फोटों में टाइमर उपकरणों के साथ सर्किट से बंधे कम तीव्रता वाले अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था।
फरीदाबाद में तलाशी अभियान चला
फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में रविवार को भारी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक बरामद होने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। सोमवार को क्राइम ब्रांच, स्थानीय पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गांव फतेहपुर तगा की कॉलोनी में घेराबंदी कर आठ घंटे तलाशी अभियान चलाया। गांव के पास स्थित डहर कॉलोनी के एक मकान की बारीकी से जांच की गई। टीम ने मकान के एक कमरे से 50 कट्टे लगभग 2563 किलो संदिग्ध विस्फोटक बरामद किया है। सोमवार सुबह ही करीब 9 बजे एसीपी क्राइम वरुण दहिया भारी पुलिस बल के साथ गांव धौज स्थित अल-फलाह मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचे।
बम निरोधक दस्ता पहुंचा : अल-फलाह मेडिल कॉलेज एवं अस्पताल के बाद संयुक्त टीम पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड के साथ गांव फतेहपुर तगा पहुंचा।
मौलाना के घर भी जांच
गांव फतेहपुर तगा में मौलाना के घर की भी तलाशी ली गई। मौलाना गांव में नहीं रहता हैं। उसने एक 200 गज का मकान किराये पर उठा रखा है, जिसमें संदिग्ध आतंकी समेत चार किरायेदार रहते थे। क्राइम ब्रांच और जम्मू कश्मीर पुलिस ने 50 कट्टे संदिग्ध विस्फोटक बरामद करने के साथ ही अन्य जानकारी ली।
नोएडा से पहुंची टीम ने कई घंटों तक छानबीन की
नोएडा से पहुंची टीम ने भी जांच की। सूत्रों के मुताबिक, डॉक्टर मुज्जमिल की एक महिला सहयोगी डॉक्टर लखनऊ से जुड़ी बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मामले में महिला डॉक्टर की अहम भूमिका रही हो सकती है।




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