Will not sit with Congress Members DMK writes Speaker for change in seating arrangement in Lok Sabha after alliance ends अब तो साथ बैठना भी नहीं गंवारा... कांग्रेस पर आगबबूला DMK ने लोकसभा में कर दी बड़ी मांग, India News in Hindi - Hindustan
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अब तो साथ बैठना भी नहीं गंवारा... कांग्रेस पर आगबबूला DMK ने लोकसभा में कर दी बड़ी मांग

DMK Congress Alliance Ends: डीएमके नेता कनिमोझी ने स्पीकर से अनुरोध किया कि DMK संसदीय दल के सदस्यों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे सदन में अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें।

Fri, 8 May 2026 05:03 PMPramod Praveen पीटीआई, नई दिल्ली
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अब तो साथ बैठना भी नहीं गंवारा... कांग्रेस पर आगबबूला DMK ने लोकसभा में कर दी बड़ी मांग

DMK Congress Alliance Ends: मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन के साथी दल द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर उनसे अनुरोध किया है कि सदन में उनके सांसदों के बैठने की व्यवस्था अलग की जाए। स्पीकर को लिखी चिट्ठी में डीएमके ने कहा कि कांग्रेस के साथ उसका गठबंधन खत्म हो गया है. ऐसे में उसके सदस्यों का कांग्रेस के सदस्यों के साथ बैठना उचित नहीं होगा।

DMK नेता कनिमोझी करुणानिधि ने बदले हुए राजनीतिक हालात को देखते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शुक्रवार (8 मई) को लिखी चिट्ठी में बैठने की व्यवस्था में बदलाव करने का अनुरोध किया है। कनिमोझी ने लिखा है, "मैं आपसे विनम्रतापूर्वक अनुरोध करती हूं कि लोकसभा में द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) के सांसदों के बैठने की व्यवस्था में उचित बदलाव किए जाएं। उन्होंने आगे लिखा, “बदले हुए राजनीतिक हालात को देखते हुए और चूंकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ हमारा गठबंधन खत्म हो गया है, इसलिए हमारे सदस्यों का सदन में उनके साथ मौजूदा सीटों पर बैठना उचित नहीं होगा।” लोकसभा में DMK के कुल 22 सांसद हैं।

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अलग से बैठने की व्यवस्था की जाए

उन्होंने स्पीकर से अनुरोध किया कि DMK संसदीय दल के सदस्यों के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि वे सदन में अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभा सकें। बता दें कि कांग्रेस, जिसने तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में DMK गठबंधन में रहते हुए केवल पांच सीटें जीती थीं, ने सरकार बनाने में TVK को समर्थन देने का कदम उठाया है, जिससे उसके पुराने सहयोगी DMK के साथ गठबंधन खत्म हो गया है।

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पीठ में छुरा घोंपने का आरोप

कांग्रेस ने DMK के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन के तहत विधानसभा चुनाव लड़ा था। इस वजह से दोनों पार्टियों के बीच कड़वाहट पैदा हो गई है। DMK के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस के इस कदम को "पीठ में छुरा घोंपना" और "विश्वासघात" बताया है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि DMK ने भी 2014 का चुनाव अकेले लड़ा था और उसने 'धर्मनिरपेक्ष सरकार' बनाने और भाजपा को पिछले दरवाजे से सत्ता में आने से रोकने के लिए विजय का समर्थन करने का फैसला किया है।