Will India-Pakistan Relations Improve Two Secret Meetings Held in Three Months NSA Doval Also Active भारत-पाकिस्तान के सुधरेंगे संबंध? 3 महीने में हुईं 2 गुप्त बैठकें; NSA डोभाल भी एक्टिव, India News in Hindi - Hindustan
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भारत-पाकिस्तान के सुधरेंगे संबंध? 3 महीने में हुईं 2 गुप्त बैठकें; NSA डोभाल भी एक्टिव

अंग्रेजी अखबार ने यह भी कहा है कि इस बातचीत की आवश्यकता के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को अवगत करा दिया गया है।

Sat, 9 May 2026 07:35 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली।
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भारत-पाकिस्तान के सुधरेंगे संबंध? 3 महीने में हुईं 2 गुप्त बैठकें; NSA डोभाल भी एक्टिव

ऑपरेशन सिंदूर को एक वर्ष बीत चुके हैं। भारत और पाकिस्तान के बीच इस बीच भले ही कोई आधिकारिक संपर्क नहीं हुआ हो, लेकिन बातचीत का रास्ता खोलने की कोशिश की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी सेना के रिटायर जनरलों और रिटायर राजनयिकों ने संभाली है। इन्होंने पिछले तीन महीनों में कम से कम दो बार गुप्त बैठकें की हैं। इंडियन एक्सप्रेस ने अपनी एक रिपोर्ट में इसका दावा किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये बैठकें कतर और एशिया के एक और देश की राजधानी में आयोजित की गईं। हालांकि ये मुलाकातें औपचारिक नहीं हैं, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह इस तरह का पहली कोशिश की जा रही है। सरकारी हलकों में इस बात पर सहमति बन रही है कि इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ बातचीत का एक गुप्त रास्ता खुला रहना चाहिए।

अंग्रेजी अखबार ने यह भी कहा है कि इस बातचीत की आवश्यकता के बारे में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के कार्यालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को अवगत करा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान की ओर से भी ऐसी बातचीत की इच्छा जताई गई है।

इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में किसी भी संभावित आतंकी हमले की स्थिति में तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकना है। वर्तमान में दोनों देशों के बीच केवल डीजीएमओ स्तर पर मंगलवार को होने वाली साप्ताहिक हॉटलाइन बातचीत ही एकमात्र संचार माध्यम है।

आतंक और बातचीत साथ नहीं

भारत का मानना है कि बैक-चैनल संचार इस घोषित स्थिति का उल्लंघन नहीं करता कि आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं चल सकते। इसे एक ऐसी व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है जहां भारत सरकार सीधे पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ संकट के समय में बात कर सके।

भारत को भी जरूरत

आपको बता दें कि पाकिस्तान वर्तमान में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में एक सक्रिय भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की शक्ति काफी मजबूत हुई है और उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। ऐसी स्थिति में यदि कोई नया आतंकी हमला होता है तो भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्लामाबाद पर दबाव बनाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए, भारत को अपने स्तर पर सीधे संवाद की व्यवस्था रखने की आवश्यकता है।

पहले भी होती रही है ऐसी वार्ता

भारत और पाकिस्तान के बीच गुप्त बातचीत का लंबा इतिहास रहा है। 2015 से 2018 के बीच NSA डोभाल ने बैंकॉक में अपने तत्कालीन पाकिस्तानी समकक्षों के साथ कई बैठकें की थीं। 30 अप्रैल 2025 को लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद आसिम मलिक को पाकिस्तान का नया NSA नियुक्त किया गया है। वे पाकिस्तान के 10वें NSA हैं और पहले ऐसे अधिकारी हैं जो ISI प्रमुख और NSA दोनों पद संभाल रहे हैं। इससे पाकिस्तान की सैन्य और नागरिक शक्तियां एक ही केंद्र में आ गई हैं, जिससे फील्ड मार्शल मुनीर का सीधा नियंत्रण और बढ़ गया है।