BJP से अलग होंगे अन्नामलाई? जन्मदिन पर कर सकते हैं ऐलान, तमिलनाडु में इस्तीफों का दौर शुरू
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई का राजनीतिक भविष्य उस समय से अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है जब बीजेपी ने उन्हें हटाकर नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया

K Annamalai: तमिलनाडु में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को झटका लगा है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष के अन्नामलाई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। आज उनका 42वां जन्मदिन है। सियासी गलियारों में हलचल इस बात को लेकर बढ़ गई है कि वह आज कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इस बात की जोरदार चर्चा है कि अन्नामलाई जल्द ही एक नई पार्टी या आंदोलन की घोषणा कर सकते हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह बीजेपी से अलग होकर अपनी एक स्वतंत्र राजनीतिक जमीन तैयार करने की योजना बना रहे हैं।
आपको बता दें कि 2 जून को अन्नामलाई ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें फिलहाल अपना इस्तीफा रोकने के लिए कहा है। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि अन्नामलाई ने बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव नितिन नवीन के साथ हुई एक बैठक में अपना इस्तीफा सौंप दिया था।
अधर में है अन्नामलाई का सियासी सफर?
पूर्व आईपीएस अधिकारी अन्नामलाई का राजनीतिक भविष्य उस समय से अधर में लटका हुआ नजर आ रहा है जब बीजेपी ने उन्हें हटाकर नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त कर दिया। इसके साथ ही बीजेपी ने साल 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के साथ अपने पुराने गठबंधन को दोबारा जीवित कर लिया। पार्टी के इस फैसले के बाद से ही अन्नामलाई हाशिए पर चल रहे हैं।
इन अटकलों को खुद अन्नामलाई के एक बयान ने और हवा दे दी है। हाल ही में उन्होंने मीडिया से कहा था कि वह अगले दो दिनों में अपनी स्थिति साफ करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले उन्होंने कहा था, "कृपया थोड़ा इंतजार करें। हम दो दिनों में एक साथ बैठेंगे और विस्तार से बात करेंगे।"
बीजेपी में कैसा रहा अन्नामलाई का सफर?
साल 2020 में पुलिस की नौकरी छोड़कर बीजेपी में शामिल होने वाले अन्नामलाई का ग्राफ राजनीति में बहुत तेजी से ऊपर चढ़ा था। महज 10 महीने के भीतर ही उन्हें तमिलनाडु जैसे अहम राज्य की कमान सौंप दी गई। वह तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष बने। हालांकि अन्नामलाई खुद 2021 का विधानसभा चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने राज्य में बीजेपी के पैर पसारने में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2021 के चुनावों में चार सीटें जीतीं, जिससे करीब दो दशकों के बाद बीजेपी की तमिलनाडु विधानसभा में वापसी हुई।
अन्नामलाई के आक्रामक तेवरों और लोकप्रियता की बदौलत 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी का वोट शेयर साल 2019 के 3.66% से बढ़कर सीधे 11.24% पर पहुंच गया। इसके विपरीत नैनार नागेंद्रन के नेतृत्व में लड़े गए 2026 के हालिया चुनावों में बीजेपी को भारी नुकसान उठाना पड़ा और पार्टी महज एक सीट पर सिमट कर रह गई।
पोस्टरों ने बढ़ाई बीजेपी की धड़कनें
तमिलनाडु के कोयंबटूर और मदुरै जैसे प्रमुख शहरों में लगे कुछ पोस्टरों ने इस राजनीतिक सस्पेंस को और गहरा कर दिया है। अन्नामलाई के समर्थकों द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या बीजेपी के किसी भी अन्य बड़े नेता की तस्वीरें गायब हैं। दिलचस्प बात यह है कि कुछ पोस्टरों में अन्नामलाई को दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेताओं रजनीकांत और अजित के साथ दिखाया गया है। इन पोस्टरों को देखकर राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि अन्नामलाई के समर्थक उन्हें बीजेपी से इतर एक स्वतंत्र और बड़े नेता के तौर पर पेश करने की तैयारी में जुटे हैं।
इस्तीफों का दौर शुरू
अन्नामलाई को लेकर बने इस संशय ने बीजेपी खेमे के भीतर गहरी चिंता पैदा कर दी है। विशेष रूप से युवा मोर्चा के नेता और कार्यकर्ता पार्टी आलाकमान से लगातार यह मांग कर रहे हैं कि स्थिति को तुरंत स्पष्ट किया जाए ताकि पार्टी कैडर के बीच फैल रहे भ्रम को रोका जा सके। बीजेपी युवा मोर्चा के राज्य सचिव आर. योगेश ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, "अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की अफवाहों के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच भारी असमंजस की स्थिति है। कई लोग बेहद चिंतित हैं और कुछ तो अब पार्टी से दूरी बनाने के बारे में भी सोचने लगे हैं।"
इसका असर अब जमीन पर भी दिखने लगा है। खबर है कि जैसे ही अन्नामलाई के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हुईं कि बीजेपी मछुआरा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एमसी मुनुसामी ने अपने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया।




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