असम-बंगाल में शर्मनाक हार के लिए कौन जिम्मेदार? तय नहीं कर पा रही कांग्रेस
पार्टी जब जक जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही तय नहीं करेगी, तब तक किसी बड़े बदलाव की उम्मीद बेमानी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी को वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव में अपना प्रदर्शन सुधारना है, तो शुरुआत करनी होगी।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का केरल के अलावा बाकी चार राज्यों में प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। इन राज्यों में हार के कारणों पर विचार करने के लिए पार्टी ने जल्द समीक्षा बैठक बुलाने का भी निर्णय किया है, पर तमाम कोशिशों के बावजूद पार्टी संगठन में जवाबदेही तय करने में विफल रही है। असम में हार के बाद प्रदेश प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया है, लेकिन पार्टी ने इस पर कोई फैसला नहीं किया है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हार की समीक्षा के बाद इस बारे में कोई निर्णय किया जाएगा।
पिछले कुछ वर्षों में हुई चुनावी हार के बावजूद संगठन स्तर पर कोई जिम्मेदारी तय नहीं की गई है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बिहार चुनाव में हार का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने जिस तरह हार की समीक्षा बैठक की और कारणों पर चर्चा की। उससे यह उम्मीद जगी थी कि प्रदेश में पार्टी जवाबदेही तय करते हुए नए सिरे से शुरुआत करेगी, लेकिन एक वर्ष बाद भी हालत जस के तस है। संगठन सृजन कार्यक्रम में जिला अध्यक्षों की जवाबदेही तय करने की बात हुई थी।
कई प्रदेशों के नए जिला अध्यक्षों को संबोधित करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा था कि यह पद स्थाई नहीं है, जवाबदेही तय की जाएगी। गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में हार के बावजूद कोई पहल नहीं हुई है।
पार्टी जब जक जिम्मेदारी के साथ जवाबदेही तय नहीं करेगी, तब तक किसी बड़े बदलाव की उम्मीद बेमानी है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा कि पार्टी को वर्ष 2027 में होने वाले चुनाव में अपना प्रदर्शन सुधारना है, तो शुरुआत करनी होगी। कांग्रेस ने संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्जीवित करने के लिए अप्रैल 2025 में अहमदाबाद अधिवेशन से संगठन सृजन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। लेकिन ऐसा कोई तंत्र नहीं बना है।
मुख्यमंत्री पद के लिए तीन नाम आगे
केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) को बहुमत मिलने के बाद सरकार गठन की तैयारी तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पद की रेस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल सबसे आगे चल रहे हैं। कांग्रेस विधायक दल की बैठक में गुरुवार को एक प्रस्ताव पारित कर अपने हाईकमान को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दे दिया गया।
सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव केपीसीसी अध्यक्ष सन्नी जोसेफ ने विधायक दल की बैठक के दौरान पेश किया। इस बैठक में एआईसीसी पर्यवेक्षक मुकुल वासनिक और अजय माकन भी मौजूद थे। इस प्रस्ताव को विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया है। प्रस्ताव पारित होने के बाद पर्यवेक्षकों ने नेतृत्व के मुद्दे पर विधायकों की राय जानने के लिए उनसे अलग-अलग मुलाकातें कीं।




साइन इन