Who is Major Abhilasha UN to Honor Her India Two Martyrs Also to Receive the World Highest Medal कौन हैं मेजर अभिलाषा? UN करेगा सम्मानित, भारत के 2 शहीदों को भी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मेडल, India News in Hindi - Hindustan
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कौन हैं मेजर अभिलाषा? UN करेगा सम्मानित, भारत के 2 शहीदों को भी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मेडल

भारतीय शांति रक्षक इस समय दुनिया के सबसे जटिल और अशांत क्षेत्रों जैसे कि अबेई, साइप्रस, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में शांति व्यवस्था संभाल रहे हैं।

Fri, 29 May 2026 06:01 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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कौन हैं मेजर अभिलाषा? UN करेगा सम्मानित, भारत के 2 शहीदों को भी दुनिया का सर्वश्रेष्ठ मेडल

संयुक्त राष्ट्र (UN) आज यानी शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के विशेष अवसर पर कर्तव्यों के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले दो भारतीय शांति रक्षकों को मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करेगा। इसके साथ ही भारतीय सेना की एक महिला अधिकारी को प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा जाएगा, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के बढ़ते कद और सैन्य पराक्रम का प्रतीक है।

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस आज एक विशेष समारोह में भारत के दो वीर जवानों को मरणोपरांत प्रतिष्ठित डैग हैमर्सजोल्ड मेडल (Dag Hammarskjold Medal) से सम्मानित करेंगे। इन वीरों ने वैश्विक शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए विदेशी धरती पर अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

लांस हवलदार हरभजन सिंह- इन्होंने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में संयुक्त राष्ट्र के स्थिरीकरण मिशन (MONUSCO) के तहत अपनी सेवाएं दी थीं।

नायब सूबेदार सुजीत कुमार प्रधान: ये दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन (UNMISS) के तहत तैनात थे और कर्तव्य निभाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे।

मेजर अभिलाषा को मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर पुरस्कार

इस समारोह में संयुक्त राष्ट्र महासचिव द्वारा भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को वर्ष 2025 के मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर (Military Gender Advocate of the Year) पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। मेजर अभिलाषा को यह सम्मान लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (UNIFIL) में अपनी तैनाती के दौरान महिला सशक्तिकरण और लैंगिक संवेदीकरण की दिशा में किए गए उनके असाधारण और अनुकरणीय कार्यों के लिए दिया जा रहा है। वर्तमान में वे लेबनान में यूएनआईएफआईएल के तहत फीमेल एंगेजमेंट टीम की कमांडर के रूप में कार्यरत हैं।

मेजर अभिलाषा बराक को भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट होने का गौरव भी प्राप्त है। वे मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन के बाद इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान को पाने वाली तीसरी भारतीय सैन्य अधिकारी बन गई हैं।

सर्वोच्च बलिदान देने में भारत दुनिया में सबसे आगे

संयुक्त राष्ट्र के नीले झंडे के नीचे सेवा करते हुए भारत के लगभग 180 शांति रक्षकों ने अब तक अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। संयुक्त राष्ट्र शांति मिशन के इतिहास में किसी भी अन्य देशों की तुलना में भारतीय सैनिकों के बलिदान का यह आंकड़ा सबसे अधिक है। वर्तमान में भारत संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में अपनी टुकड़ियां भेजने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। भारत के 4,200 से अधिक सैन्य और पुलिस कर्मी इस समय वैश्विक शांति मिशनों का हिस्सा हैं। गर्व की बात यह है कि इन कर्मियों में 155 भारतीय महिला सैनिक भी शामिल हैं।

भारतीय शांति रक्षक इस समय दुनिया के सबसे जटिल और अशांत क्षेत्रों जैसे कि अबेई, साइप्रस, डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में शांति व्यवस्था संभाल रहे हैं। वर्तमान में, दुनिया के कुछ सबसे कठिन और युद्धग्रस्त माहौल में संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले 50,000 से अधिक नागरिक, सैन्य और पुलिस शांति रक्षक अपनी जान जोखिम में डालकर मानवता की सेवा कर रहे हैं, जिनमें भारतीय जांबाज अपनी वीरता और संवेदनशीलता के लिए अग्रणी माने जाते हैं।