कौन हैं केजे जॉर्ज? सिद्धारमैया को मनाने का मिला गिफ्ट, शिवकुमार कैबिनेट में सबसे सुरक्षित स्थान
ऐसे नाजुक समय में यह केजे जॉर्ज ही थे जिन्होंने आगे बढ़कर केंद्रीय नेतृत्व और सिद्धारमैया के बीच की दूरी को पाटने का काम किया। जॉर्ज ने सिद्धारमैया को हाईकमान के इस बड़े फैसले को स्वीकार करने के लिए राजी किया।

कर्नाटक में हाल ही में नेतृत्व परिवर्तन हुआ है। सिद्धारमैया को अपनी मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़नी पड़ी और मुख्यमंत्री के रूप में डीके शिवकुमार ने कार्यभार संभालना। इस पूरे सियासी घटनाक्रम के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। इस बड़े उलटफेर के बीच पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के मंत्रिमंडल से नए मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों में छह बार के विधायक केजे जॉर्ज की स्थिति सबसे मजबूत और सुरक्षित मानी जा रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शुमार जॉर्ज का कद राज्य में सत्ता की कमान बदलने के बाद और ज्यादा बढ़ गया है।
कांग्रेस में गांधी परिवार के बेहद वफादार माने जाने वाले केजे जॉर्ज ने संकट के दौरान पार्टी के लिए एक मुख्य शांति दूत की भूमिका निभाई थी। सूत्रों के अनुसार, जब कांग्रेस हाईकमान ने सिद्धारमैया की जगह डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया तो सिद्धारमैया इस फैसले से काफी हैरान थे।
ऐसे नाजुक समय में यह केजे जॉर्ज ही थे जिन्होंने आगे बढ़कर केंद्रीय नेतृत्व और सिद्धारमैया के बीच की दूरी को पाटने का काम किया। जॉर्ज ने सिद्धारमैया को हाईकमान के इस बड़े फैसले को स्वीकार करने के लिए राजी किया। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व उनके इस हस्तक्षेप से बेहद खुश है, क्योंकि इसी वजह से कर्नाटक में बिना किसी अंदरूनी कलह या सार्वजनिक विवाद के शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण संभव हो सका।
नए मंत्रिमंडल में मिली बड़ी जिम्मेदारी
केजे जॉर्ज के इस अहम योगदान का इनाम भी उन्हें नए मंत्रिमंडल में मिला है। जॉर्ज को उनके पुराने ऊर्जा मंत्रालय के साथ-साथ अब पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभाग की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
कौन हैं केजे जॉर्ज?
केलाचंद्र जोसेफ जॉर्ज ने अपने पांच दशकों से ज्यादा लंबे राजनीतिक करियर में अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली है। वे सिद्धारमैया की कैबिनेट में गृह मंत्री और बेंगलुरु विकास और नगर नियोजन मंत्री थे। एचडी कुमारस्वामी की कैबिनेट में बड़े और मध्यम स्तर के उद्योगों के मंत्री रहे। उन्होंने एस. बंगारप्पा की सरकार में आवास और शहरी विकास कैबिनेट मंत्री का पद भी संभाला। उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत में 1980 के दशक के आखिर में वीरेंद्र पाटिल की सरकार में परिवहन, खाद्य और नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी संभाली थी।
कर्नाटक कांग्रेस में केजे जॉर्ज को एक ऐसे कद्दावर नेता के रूप में देखा जाता है जिनके संबंध सिद्धारमैया और नए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों के साथ ही बेहतरीन हैं। यही वजह है कि सरकार और संगठन दोनों में उनकी अहमियत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है।




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