अब गांधी नहीं, PM मोदी; विदेश में भारत का ब्रांड एंबेसडर कौन वाले सवाल पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीएम मोदी को विदेशों में भारत का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर करार दिया है। उन्होंने कहा कि 10 से 15 साल पहले तक महात्मा गांधी भारत के एंबेसडर थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री मोदी वह रुतबा हासिल कर चुके हैं।

विदेशों में भारत किसके नाम से पहचाना जाता है? या भारत का ब्रांड एंबेसडर कौन है? इन सवालों का केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने ऐसा जवाब दिया है, जिस पर राजनीतिक रूप से चर्चा होना तय है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि आज से 15 साल पहले तक विदेशों में भारत महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। समय के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने देश की छवि को बेहतर बनाया है। अब वह विदेश में भारत के ब्रांड एंबेसडर के तौर देखे जाते हैं। किसी को जब भारत का नाम बताया जाता है, तो वह पीएम मोदी के नाम से पहचानता है।
भारत सरकार में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय संभालने वाले गजेंद्र सिंह शेखावत ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में दुनिया में भारत की स्थिति को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा,"भारत की छवि और पहचान पहले महात्मा गांधी जी से जुड़ी हुई थी। लेकिन आज मैं मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं। आप दुनिया के किसी भी देश में जा सकते हैं... सबसे छोटे कैरेबियन द्वीप से लेकर अमेरिका तक और दक्षिण एशिया से लेकर पश्चिम एशिया तक। आप कहीं भी जा सकते हैं और अगर आप किसी को बताएं कि 'मैं भारत से हूं।', तो आप उनके चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान के साथ यह शब्द सुनने को मिलेंगे, 'भारत! ओह, मिस्टर मोदी'।" इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज भारत का सबसे बड़ा ब्रांड एंबेसडर हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं।
यह कोई राजनीतिक जवाब नहीं: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अपने इस जवाब के साथ में एक और पक्ष भी रखा। उन्होंने कहा कि उनके इस जवाब का मतलब राजनीतिक न निकाला जाए। उन्होंने यह बयान एक आम आदमी की तरह कहें हैं। उन्होंने कहा, "यह कोई राजनीतिक जवाब नहीं है। मैं यह एक आम आदमी के तौर पर कह रहा हूं। जैसा ही हमने अभी कहा, 10-15 साल पहले तक गांधीजी दशकों से भारत के ब्रांड एंबेसडर थे। अब मोदी जी भारत के ब्रांड एंबेसडर हैं। लेकिन असल में भारत की संस्कृति ही भारत की ब्रांड एंबेसडर है और यही भारत की पहचान है।"
विदेश में पहले खुद को भारतीय कहने में कतराते थे लोग: केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय मंत्री ने जोर दिया कि कुछ समय पहले तक भारत के लोग विदेशों में स्वयं को भारतीय बताने से कतराते थे। वह खुद को एशियाई कहते थे। उन्होंने कहा, "0-15 साल पहले तक अगर आप दुनिया के किसी भी देश में जाते और किसी व्यक्ति से उसके हुलिए के आधार पर पूछते कि क्या वह भारतीय है, तो वह खुद को भारतीय कहने में हिचकिचाता था। वह अपना परिचय एशियाई के रूप में देता था। फिर अगर आप उससे पूछते कि वह एशिया में कहां से है, तब वह कहता कि मैं भारतीय हूं। अब लोग सीधे तौर पर खुद को भारतीय बताते हैं और गर्व महसूस करते हैं।'' उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत को जिस नजरिए से देखा जाता था, उसमें 'कुछ कमी' थी।
एक नेता की छवि विदेश में देश की छवि बदल देती है: गजेंद्र सिंह शेखावत
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की छवि उसकी संस्कृति और विरासत ही बने रहेंगे। लेकिन एक नेता (पीएम मोदी) की छवि विदेश में देश की छवि को बेहतर बनाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सालों में जो भी बदलाव हुआ है, उससे भारत को मजबूती मिलती है और यह विश्वास और दृढ़ धारणा बनी है कि भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या वर्तमान में 10 करोड़ से बढ़कर 2047 तक 100 करोड़ हो जाएगी। भारत की संभावित आर्थिक समृद्धि और विश्व स्तरीय सुविधाओं के विकास से अगर किसी क्षेत्र को सबसे अधिक लाभ होगा, तो वह पर्यटन ही होगा।
बता दें, विदेश में भारत का ब्रांड एंबेसडर कौन है? इस सवाल को लेकर पिछले काफी समय से बहस चलती आ रही है। भाजपा समर्थक लोग महात्मा गांधी के साथ-साथ प्रधानमंत्री मोदी को भी इस फेहरिस्त में शामिल करते हैं। लेकिन कांग्रेस समर्थक लोग खुले तौर पर इस बात को कहते नजर आते हैं कि महात्मा गांधी के आगे कोई भी नहीं है। वहीं, इस मामले पर अगर विशेषज्ञों की राय देखें, तो महात्मा गांधी और प्रधानमंत्री मोदी दोनों ही अपने-अपने स्तर पर भारत का नेतृत्व करते हैं।




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