Who is Amit Shah Secret Superstar sunil bansal has worked wonders from UP all the way to Bengal कौन है अमित शाह का ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, UP से लेकर बंगाल तक में कर चुका है कमाल, India News in Hindi - Hindustan
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कौन है अमित शाह का ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, UP से लेकर बंगाल तक में कर चुका है कमाल

भाजपा की यह सफलता अचानक नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे महीनों की गहन योजना थी। इस अभियान का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने किया, जिन्हें उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में बूथ स्तर के प्रबंधन के लिए जाना जाता है।

Thu, 7 May 2026 06:01 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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कौन है अमित शाह का ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, UP से लेकर बंगाल तक में कर चुका है कमाल

पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की शानदार जीत की आज भारत से बाहर भी चर्चा हो रही है। भगवा पार्टी के लिए यह एक असाधारण जीत है, जिसके पीछे लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत और कई बड़े नेताओं की योजनाएं शामिल हैं। भाजपा की यह जीत चंद दिनों या कुछ महीनों का परिणाम नहीं है, इसमें कई वर्ष लगे हैं। 2014 में केंद्र की सत्ता पर काबीज होने के बाद से भी भाजपा कि निगाहें कुछ खास राज्यों पर टिकी हैं, जिनमें पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल शामिल है। इन राज्यों में संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने के बाद भी भाजपा रुकती नहीं है। पंडित दीन दयाल उपाध्याय की बनाई गई इस पार्टी के नेता और कार्यकर्ता चुपचाप काम करते रहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा की एक शानदार टीम की मेहनत से भगवा पार्टी को बंगाल में यह सफलता मिली है। इस टीम में एक ऐसा भी नाम शामिल है जो खुद को लो प्रोफाइल रखकर पर्दे की पीछे लगातार रणनीति बनाता रहा। इस शख्स को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है, जिसने बंगाल से पहले उत्तर प्रदेश जैसा राज्य भाजपा की झोली में डाल दी थी। हम बात कर रहें सुनील बंसल की।

कौन हैं सुनील बंसल?

भाजपा की यह सफलता अचानक नहीं मिली है, बल्कि इसके पीछे महीनों की गहन योजना थी। इस अभियान का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल ने किया, जिन्हें उत्तर प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में बूथ स्तर के प्रबंधन के लिए जाना जाता है। बंसल मीडिया की चकाचौंध से दूर रहकर काम करना पसंद करते हैं। उनके शांत स्वभाव और संगठनात्मक कौशल ने उत्तर प्रदेश में BJP की लगातार जीत, ओडिशा और तेलंगाना में उसके शानदार प्रदर्शन और अब पश्चिम बंगाल में मिली ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई है।

सुनील बंसल

राजस्थान के रहने वाले सुनील बंसल ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत आरएसएस के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से की थी। 1989 में उन्हें राजस्थान यूनिवर्सिटी का महासचिव चुना गया। 1990 में वे आरएसएस में प्रचारक के तौर पर शामिल हुए और बाद में भाजपा के जरिए सक्रिय राजनीति में कदम रखा।

अमित शाह के कैसे करीब आए सुनील बंसल?

2014 के आम चुनाव से पहले आरएसएस ने उन्हें भाजपा में भेज दिया। उन्हें उत्तर प्रदेश का संयुक्त संगठन मंत्री बनाया गया। उस समय अमित शाह राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर राज्य का प्रभार संभाल रहे थे। बंसल ने अपने अनुशासन और संगठनात्मक क्षमताओं से शाह को काफी प्रभावित किया। अमित शाह के उस विजन को जमीन पर उतारने में बंसल ने अहम भूमिका निभाई, जिसके तहत क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना और पन्ना प्रमुख और 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' जैसी योजनाओं के जरिए बूथ स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाना शामिल था।

यूपी से बंगाल ट्रांसफर

2014 में BJP ने उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में से रिकॉर्ड 73 सीटों पर जीत हासिल की। ​​इसके बाद बंसल को प्रमोट करके राज्य का संगठन मंत्री बना दिया गया। 2017 के विधानसभा चुनावों में पार्टी की शानदार जीत का श्रेय काफी हद तक उन्हें ही दिया गया और 2019 व 2022 की सफलताओं में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार आठ सालों तक उत्तर प्रदेश में संगठन मंत्री के तौर पर काम किया, और इस दौरान पार्टी व योगी आदित्यनाथ सरकार के बीच तालमेल बिठाने का काम किया। 2022 में योगी सरकार के दोबारा सत्ता में आने के बाद सुनील बंसल को दिल्ली भेज दिया गया और जेपी नड्डा की टीम में राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया। उन्हें ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल जैसे अहम राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई।

ओडिशा में सुनील बंसल ने BJP के संगठनात्मक नेटवर्क को मजबूत करके नवीन पटनायक के लंबे समय से चले आ रहे गढ़ को ढहा दिया। 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी ने ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए 21 में से 20 सीटों पर कब्जा जमाया और पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ राज्य में अपनी सरकार बनाई। तेलंगाना में उनकी रणनीतियों की मदद से BJP अपनी सीटों की संख्या बढ़ाने में कामयाब रही और 17 में से 8 सीटें जीतीं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल में पार्टी के प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली।

लोकसभा के परिणाम से ली सीख

इससे बिना घबराए बंसल ने तुरंत 2026 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू कर दीं। उन्होंने अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने, राज्य इकाई और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल बेहतर करने, नाराज नेताओं को वापस लाने और पार्टी को एकजुट करने पर ध्यान दिया। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया, डेटा आधारित सूक्ष्म प्रबंधन पर जोर दिया और हर निर्वाचन क्षेत्र में जातिगत समीकरणों, स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार की लोकप्रियता का विस्तृत विश्लेषण किया।

नाराज नेताओं को मनाया

उन्होंने उम्मीदवारों के चयन के मामले में RSS के साथ करीबी तालमेल बनाए रखा और अमित शाह के राज्य के 15-दिवसीय दौरे के दौरान उनके साथ मिलकर काम किया और उनके निर्देशों को पूरी बारीकी से लागू किया। नाराज नेताओं की शिकायतों को दूर करने में भी बंसल ने अहम भूमिका निभाई।