राजनीति में ना आते तो क्या करते? राहुल गांधी ने दिया जवाब, संजय गांधी को भी किया याद
केरल में एक कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि अगर वह राजनीति में ना आते तो वह एयरोस्पेस क्षेत्र में उद्यम कर रहे होते। उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी और चाचा संजय गांधी को याद करते हुए कहा कि वे दोनों पायलट थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं होते, तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी उद्यमिता से जुड़े होते। गांधी ने यहां टेक्नोपार्क में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के पेशवरों के साथ संवाद के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए यह कहा। उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उन्हें एक नेता के रूप में परिभाषित किया है, लेकिन वास्तव में वह और भी बहुत कुछ करते हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने कहा कि उनका मानना है कि किसी को नेता, तकनीकी विशेषज्ञ या इंजीनियर कहना ''परिभाषाओं को सीमित करना' है। उन्होंने कहा, ‘यदि मैं किसी राजनीतिक संगठन के लिए काम नहीं कर रहा होता, तो शायद मैं कोई उद्यम कर रहा होता, शायद एयरोस्पेस के क्षेत्र में। मैं एक पायलट हूं, मेरे पिता और मेरे चाचा (संजय गांधी) भी पायलट थे। इसलिए हमारे परिवार में इसकी थोड़ी परंपरा रही है।’ केरल के दो दिवसीय दौरे पर आए गांधी ने कहा, ''हमें हर चीज के बारे में जिज्ञासु होना चाहिए। आपको हर बात के प्रति खुला दिमाग रखना चाहिए और तभी आप चीजों को आपस में जोड़ना शुरू कर सकते हैं।'
चीन पर क्या बोले राहुल गांधी
चीन ने विश्व में उत्कृष्ट और बेजोड़ औद्योगिक प्रणाली का निर्माण किया है, लेकिन वे लोकतांत्रिक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमने चीन को विश्व में औद्योगिक उत्पादन के क्षेत्र में कब्जा करने दिया और यह गलती हमको ही सुधारनी होगी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को यहां वर्कला स्थित शिवगिरि मठ गये।
केरल के दो दिवसीय दौरे पर आए लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी का मठ में संत और समाज सुधारक श्री नारायण गुरु द्वारा स्थापित आश्रम के अध्यक्ष स्वामी सच्चिदानंद और अन्य पदाधिकारियों ने केसरी रंग की एक बड़ी माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नारायण गुरु से जुड़े मठ के विभिन्न भागों का दौरा किया और गुरु की 'समाधि' पर भी मत्था टेका।
राहुल गांधी ने इस दौरे के बाद फेसबुक पर एक पोस्ट में कहा, ''मैंने शिवगिरि मठ में दर्शन किए, जो श्री नारायण गुरु की शिक्षाओं से प्रेरित एक पवित्र स्थान है, जिनका सत्य, समानता और करुणा का शाश्वत संदेश हमारे आगे के मार्ग को रोशन करता रहता है।' उन्होंने कोल्लम में महात्मा गांधी और श्री नारायण गुरु के बीच हुई मुलाकात की शताब्दी के उपलक्ष्य में शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया था। राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और विधायक पी.सी. विष्णुनाध और चांडी ओमन समेत पार्टी के कई नेता मौजूद रहे।




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