What is meant for Tarique Rahman Victory in Bangladesh for India, what message for Hindus in Bangladesh तारिक रहमान की ताजपोशी का भारत पर क्या असर, बांग्लादेश में हिन्दुओं के लिए क्या मतलब?, India News in Hindi - Hindustan
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तारिक रहमान की ताजपोशी का भारत पर क्या असर, बांग्लादेश में हिन्दुओं के लिए क्या मतलब?

Bangladesh Election Results BNP Victory: पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है।

Fri, 13 Feb 2026 03:46 PMPramod Praveen लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली/ढाका
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तारिक रहमान की ताजपोशी का भारत पर क्या असर, बांग्लादेश में हिन्दुओं के लिए क्या मतलब?

Bangladesh Election Results BNP Victory: पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश में एक दिन पहले (12 फरवरी को) हुए संसदीय चुनावों में तारिक रहमान की पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारी बहुमत हासिल की है। कुल 299 में से 200 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल की है। इन नतीजों से स्पष्ट है कि तारिक रहमान अब बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे हैं। तारिक रहमान ने इन चुनावों में जमात-ए-इस्लामी और छात्रों की पार्टी नेशनल सिटीजन पार्टी के गठबंधन को करारी शिकस्त दी है। इस राजनीतिक बदलाव का असर केवल बांग्लादेश तक सीमित नहीं होगा, बल्कि पड़ोसी भारत और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर भी इसका साफ असर पड़ सकता है।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद

भारत ने चुनाव परिणाम आने से पहले ही बांग्लादेश के नए नेतृत्व को बधाई देकर यह संकेत दिया कि वह संबंधों को फिर से मजबूत करना चाहता है। यह खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में ठंडापन आ गया था। भारत की नजर में BNP को अक्सर कट्टरपंथी विचारधारा वाली जमात-ए-इस्लामी के मुकाबले ज्यादा लोकतांत्रिक विकल्प माना जाता रहा है।

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बांग्लादेश फर्स्ट नीति और संतुलन की रणनीति

पड़ोसी देश की कमान संभालने जा रहे नए नेतृत्व ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' नीति की बात कही है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से प्रेरित बताई जा रही है। इसका मतलब यह हो सकता है कि बांग्लादेश भारत, चीन और पाकिस्तान, तीनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने की कोशिश करेगा। यह भारत के लिए राहत की बात हो सकती है क्योंकि अंतरिम सरकार के दौरान मोहम्मद यूनुस प्रशासन का जोर पाकिस्तान और चीन के साथ नजदीकी बढ़ाने पर रहा था।

ऐतिहासिक तनाव बनाम व्यावहारिक मजबूरी

भारत और बांग्लादेश के बीच लगभग 4000 किलोमीटर लंबी सीमा, व्यापार, बिजली आपूर्ति और कनेक्टिविटी जैसे मजबूत संबंध हैं। इसलिए दोनों देशों के लिए सहयोग जरूरी माना जाता है, चाहे दोनों के बीच राजनीतिक मतभेद क्यों न हों। हालांकि बांग्लादेश की नई युवा पीढ़ी में भारत को लेकर संदेह भी बढ़ा है, खासकर तब से जब शेख हसीना भारत में शरण लेकर रह रही हैं।

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भारत की कूटनीतिक सक्रियता

दूसरी तरफ, भारत ने पिछले एक साल में BNP नेतृत्व के साथ संबंध सुधारने की कोशिश तेज की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की बीमारी के समय समर्थन जताया था। पिछले साल, जब तारिक की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा ज़िया हेल्थ प्रॉब्लम से जूझ रही थीं, तो प्रधानमंत्री मोदी ने सबके सामने चिंता जताई और भारत का सपोर्ट ऑफर किया। BNP ने तुरंत शुक्रिया अदा करते हुए इसका जवाब दिया था। कुछ दिनों बाद, खालिदा ज़िया की मौत के बाद, विदेश मंत्री एस जयशंकर 2024 की अशांति के बाद ढाका जाने वाले पहले भारतीय नेता बने और तारिक रहमान से मिले। उन्होंने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पर्सनल लेटर भी उन्हें सौंपा था।

Bangladesh mandate message

PM मोदी ने भेजा बधाई संदेश

शुक्रवार को PM मोदी तारिक रहमान को बधाई देने वाले पहले नेताओं में से एक थे। उन्होंने ट्वीट किया, "मैं हमारे कई तरह के रिश्तों को मज़बूत करने के लिए आपके साथ काम करने का इंतजार कर रहा हूँ।" साफ है कि पीएम मोदी ने पुराने कड़वे अतीत को पीछे छोड़ते हुए, सावधानी से द्विपक्षीय संबंधों को तेजी से आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

बांग्लादेश के हिंदुओं के लिए क्या संकेत?

हाल के वर्षों में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाओं को लेकर चिंता रही है। ऐसे में ये अटलें लगना स्वाभाविक है कि नए नेतृत्व को लेकर हिन्दुओं के लिए क्या संकेत हैं। दरअसल, रहमान ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि धर्म व्यक्तिगत है लेकिन राज्य सभी नागरिकों का है। अगर तारिक रहमान की यह नीति जमीन पर लागू होती है, तो बांग्लादेश के लगभग 8% हिंदू समुदाय के लिए सुरक्षा और भरोसा बढ़ सकता है।