जगदीप धनखड़ के साथ 17 जुलाई को दिल्ली में क्या हुआ था? सामने आ रही चौंकाने वाली बात
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। मगर 17 जुलाई को उनके साथ दिल्ली में जो हुआ, अब उससे जुड़ी चौंकाने वाली बात सामने आ रही है।

जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अचानक से उपराष्ट्रपति के पद से इस्तीफा दे दिया है। मॉनसून सत्र के पहले दिन हुए इस घटनाक्रम ने राजनीति में हलचल तेज कर दी है। धनखड़ द्वारा उठाए गए इस कदम को लेकर कई तरह के कयास और आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं। इस बीच सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि हाल ही में दिल्ली के एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान जगदीप धनखड़ बेहोश हो गए थे। मामला इतना बढ़ गया था कि इस दौरान उन्हें मदद भी लेनी पड़ी थी।
17 जुलाई को धनखड़ के साथ क्या हुआ था?
जानकारी के मुताबिक यह घटना 17 जुलाई की है। इस दिन उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी पत्नी और दिल्ली के लेफ्टीनेंट गर्वनर वी के सक्सेना के साथ एक गार्डन में आधिकारिक विज़िट पर आए हुए थे। सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि तभी उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते वो बेहोश हो गए। इसके बाद उनकी मदद की गई और वहां से बाहर ले जाया गया।
एंजियोप्लास्टी और स्वास्थ्य कारणों के चलते इस्तीफा
आपको बताते चलें कि उपराष्ट्रपति धनखड़ की हाल ही में दिल्ली के एम्स में एंजियोप्लास्टी हुई है। उन्हें इसी साल मार्च में एम्स में भर्ती कराया गया था। धनखड़ ने सोमवार रात को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा भेज दिया था। मुर्मू को भेजे अपने त्यागपत्र में धनखड़ ने कहा है कि वह, स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने के लिए तत्काल प्रभाव से पद छोड़ रहे हैं।
मानसून सत्र के पहले ही दिन दिया इस्तीफा
धनखड़ ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा, स्वास्थ्य देखभाल को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए, मैं संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के तहत तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहा हूं। आपको बताते चलें कि 74 साल के धनखड़ ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था। उनका यह कार्यकाल 2027 तक पूरा होना था। मगर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन ही उनका इस्तीफा आ गया है।




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