सिर मुंडा, हाथों में हथकड़ी... TMC गुडों की अंडरवियर में परेड; शुभेंदु की पुलिस का ऐक्शन
पश्चिम बंगाल में नई भाजपा सरकार द्वारा कानून-व्यवस्था बहाल करने के अभियान में अनोखा और विवादास्पद तरीका अपनाया गया है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस से जुड़े तीन कुख्यात स्थानीय अपराधियों को गिरफ्तारी के बाद लगभग अधनंगे अवस्था में सड़कों पर पैदल परेड कराया, जिसको लेकर सियासी बवाल जारी है।

पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर नई सरकार की सख्ती का अनोखा और विवादास्पद रूप सामने आया है। पुलिस ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े तीन स्थानीय दबंगों को गिरफ्तारी के बाद लगभग अधनंगे अवस्था में (बॉक्सर शॉर्ट्स और बनियान) सड़कों पर पैदल परेड कराया। इनमें एक आरोपी का सिर-चेहरा पूरी तरह मुंडाया गया, दूसरे को हथकड़ी पहनाई गई और तीसरे की कमर में रस्सी बांध दी गई। ये घटनाएं हावड़ा जिले की अलग-अलग पुलिस स्टेशनों में हुईं और इनके वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गए, जिससे पूरे राज्य में सियासी बवाल मच गया है। बंगाल बीजेपी ने इन फुटेज को अपने आधिकारिक X अकाउंट पर शेयर करते हुए इसे राज्य में अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति का प्रमाण बताया। जबकि मुख्य विपक्षी टीएमसी ने कड़ा ऐतराज जताया है। आइये अब जानते हैं घटना के तीनों प्रमुख आरोपियों के बारे में....
आकाश सिंह उर्फ डॉन आकाश
पुलिस के अनुसार, हावड़ा का कुख्यात 'डॉन' आकाश सिंह पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। 14 मई को गिरफ्तार किए गए आकाश को रविवार को गोलाबाड़ी और मालीपंचघरा पुलिस स्टेशनों की टीम ने क्राइम सीन रिक्रिएशन (Crime Scene Reconstruction) के दौरान पैदल घुमाया। वीडियो फुटेज में आकाश केवल बिना आस्तीन वाली बनियान और बॉक्सर शॉर्ट्स में दिख रहा है। उसका सिर पूरी तरह मुंडा हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आकाश ने भीषण गर्मी के कारण खुद बाल और दाढ़ी मुंडवाने की अनुमति मांगी थी, जिसे जांच टीम ने स्वीकार कर लिया था।
पुलिस के अनुसार, आकाश सिंह पर 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान लिलुआ इलाके में पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने और विस्फोटक फेंकने का गंभीर आरोप हैं। बताया जाता है कि वह पूर्व टीएमसी विधायक गौतम चौधरी के कथित करीबी था। हावड़ा के गोलाबाड़ी, मालीपंचघरा समेत विभिन्न थानों में उनके खिलाफ लगभग दो दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। पूर्वी मिदनापुर के कोलाघाट से गिरफ्तार किए गए आकाश को हावड़ा पुलिस की सुरक्षा में लाया गया था।
शमीम अहमद उर्फ ‘बड़े’ या ‘गब्बर’
टीएमसी वार्ड 36 के अध्यक्ष शमीम अहमद को शिबपुर पुलिस ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ मिलकर सफेद बनियान में हथकड़ी पहनाकर जीटी रोड और शिबपुर ट्राम डिपो क्षेत्र में घुमाया। अहमद टीएमसी विधायक औरपूर्व मंत्री अरूप रॉय के कथित करीबी सहयोगी है। 21 मई को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने चेंबूर से उन्हें गिरफ्तार किया था। वह 7 मई को भाजपा के अल्पसंख्यक दल के जुलूस पर हुए चुनावोत्तर हिंसा के मुख्य आरोपी है, जिसमें बम और बंदूकों से हमला कर तीन लोगों को घायल किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, उसके आवास पर छापेमारी में पांच मंजिला इमारत, आलीशान साज-सज्जा, गुप्त सीढ़ी, छत पर जुआघर और 140 बकरियां बरामद हुईं, जिन्हें उसने कथित तौर पर आवासीय इमारत की छत पर पाला था। अहमद पर अवैध निर्माण, जबरन वसूली और गुंडागर्दी के भी आरोप हैं।
साहिन मोल्ला उर्फ ‘सनी’
पूर्व अस्थायी होम गार्ड साहिन मोल्ला को संकराइल पुलिस ने केंद्रीय बलों के साथ संयुक्त अभियान में बेल्टाला इलाके में कमर पर रस्सी बांधकर सफेद वेस्टी और शॉर्ट्स पहनाकर मोहल्ले में घुमाया। मोल्ला पर स्थानीय दुकानदारों से जबरन वसूली का आरोप है। पहले भी इसी आरोप में उन्हें अस्थायी यातायात होम गार्ड पद से बर्खास्त किया जा चुका था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उसने टीएमसी से मिले राजनीतिक संरक्षण का फायदा उठाकर इलाके में दबदबा बनाए रखा था। अदालत ने उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था, जिसके बाद उन्हें बेल्टाला से संकराइल तक पैदल घुमाया गया। जुलूस के दौरान मोल्ला ने मौजूद लोगों के सामने जबरन वसूली के आरोपों का खंडन भी किया।
पुलिस का आधिकारिक पक्ष
पुलिस अधिकारियों ने इन कार्रवाइयों को जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया। पुलिस के अनुसार, आरोपीयों को पैदल घुमाकर संरचनात्मक साक्ष्यों की पुष्टि, पुराने अपराध स्थलों का दोबारा मुआयना और उनके कथित जबरन वसूली (तोलाबाजी) नेटवर्क की पूरी गतिविधियों का पता लगाया गया।
TMC का तीखा विरोध
तृणमूल कांग्रेस ने इन घटनाओं की कड़ी निंदा की है। TMC सांसद कल्याण बनर्जी ने एक्स पर लिखा कि किसी सरकार का कर्तव्य सर्कस चलाना नहीं हो सकता। जनता का मनोरंजन करने के लिए तमाशे पेश करना राज्य की जिम्मेदारी नहीं है। अपराधी चाहे कितना भी कुख्यात क्यों न हो, उसे रस्सियों से बांधकर बाजार में नहीं घुमाया जा सकता। यह कानून और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
भाजपा का दावा
वहीं, भाजपा ने इन कार्रवाइयों को ‘अपराध मुक्त बंगाल’ बनाने की दिशा में ठोस कदम बताया है। ये घटनाएं शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी अपराध विरोधी अभियान का हिस्सा बताई जा रही हैं। 2021 के बाद की चुनावों के बाद हिंसा और जबरन वसूली के मामलों में TMC कार्यकर्ताओं पर शिकंजा कसा जा रहा है।




साइन इन