सात दिन... पांच झटके और हिल गई TMC; ममता बनर्जी की पार्टी में आखिर चल क्या रहा?
TMC Crisis: विधानसभा चुनाव 2026 में मिली करारी हार के एक महीने बाद भी तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी के अंदर बगावत अब दिल्ली तक पहुंच गई है, जबकि विधायकों और सांसदों का पाला बदलना जारी है।

विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के एक महीने बाद भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पार्टी में बगावत कोलकाता से शुरू होकर अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है, जबकि विधायकों और सांसदों के पाला बदलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इस सप्ताह ममता बनर्जी को लगातार पांच बड़े झटके लगे हैं, जिससे पार्टी पूरी तरह हिल गई है। रणनीतिकार अब यह समझ नहीं पा रहे है कि TMC को कैसे संभाला जाए।
संसद तक पहुंची बगावत
टीएमसी के कुल 80 विधायकों में से 58 ने पहले ही बंगाल विधानसभा में विद्रोह कर दिया था और ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष का नेता बनाने का समर्थन किया। अब यह विद्रोह लोकसभा तक पहुंच गया है। बागी सांसद सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपने वाले हैं। पत्र में खुद को 'असली टीएमसी' बताते हुए अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की जाएगी। ममता बनर्जी के वफादारों ने इस कदम को पूरी तरह अवैध करार दिया है। उन्होंने कहा कि कानून के अनुसार बागियों को या तो किसी अन्य पार्टी में विलय करना होगा या मूल पार्टी में लौटना होगा। उन्हें अलग गुट के रूप में कोई मान्यता नहीं दी जा सकती।
काकोली घोष के बेटे का कानूनी हमला
टीएमसी की पूर्व कट्टर समर्थक और बागी सांसद काकोली घोष के बेटे बैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगता रॉय और सोनाली गुहा को भी दिया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इन नेताओं ने काकोली घोष के बारे में झूठे, मानहानिकारक और भ्रामक बयान दिए, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने बारासात सीट से टिकट मांगा था। नोटिस में 15 दिनों के अंदर बयान वापस लेने और सार्वजनिक माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया गया है।
सायनी घोष का पाला बदलना
दरअसल, इस सप्ताह की शुरुआत में जादवपुर सांसद सायनी घोष के बागी खेमे में शामिल होने की खबर ने ममता बनर्जी को बड़ा झटका दिया। अभिनेत्री से राजनेत्री बनी सायनी ने चुनाव हार के बाद ममता का खुलकर समर्थन किया था, लेकिन अब उन्होंने बागियों का साथ दिया। रविवार को पाला बदलने पर पूछे जाने पर सायनी ने रहस्यमयी अंदाज में कहा कि मैं अभी कुछ नहीं कहूंगी। सही समय पर बोलूंगी।
महुआ मोइत्रा का सुदीप पर तीखा हमला
दूसरी ओर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय पर तीखा हमला बोला। महुआ ने आरोप लगाया कि सुदीप ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की और पार्टी को गुमराह किया। फेसबुक पर लिखे पोस्ट में महुआ ने कहा कि दादा, कम से कम अपना सोशल मीडिया X हैंडल बदलकर @SudipBJPBTeam कर लीजिए। हमारा नाम इस्तेमाल न करें।
अभिषेक बनर्जी के घर छापा
शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय बलों ने अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर छापा मारा। धोखाधड़ी मामले में उनके निजी सहायक सुमित रॉय की तलाश की गई। वहीं छापेनमारी की खबर मिलते ही ममता बनर्जी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और छापे के दौरान वहां मौजूद रहीं। इससे पहले सीआईडी ने अभिषेक से जाली हस्ताक्षर मामले में पूछताछ की थी।
संगठनात्मक फेरबदल
पार्टी पर पकड़ मजबूत करने के लिए ममता बनर्जी ने युवा और महिला विंग में बड़े बदलाव किए हैं। सायनी घोष के बागी खेमे में जाने के बाद युवा विंग के नए अध्यक्ष अर्नब बनर्जी बनाए गए हैं, जबकि महिला विंग की अध्यक्ष माला रॉय की जगह अलीफा अहमद को नियुक्त किया गया है।
दूसरी ओर सियासी पंडितों का कहना है कि ममता बनर्जी पार्टी को एकजुट रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं, लेकिन बगावत और कानूनी-राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।




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