Warning to Iran Stance on Hormuz Also Clear How Trump Speech Impacts India डोनाल्ड ट्रंप ने तो युद्ध चुन लिया, पर भारत में LPG और पेट्रोल-डीजल पर क्या असर होगा; समझिए, India News in Hindi - Hindustan
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डोनाल्ड ट्रंप ने तो युद्ध चुन लिया, पर भारत में LPG और पेट्रोल-डीजल पर क्या असर होगा; समझिए

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि रेजीम चेंज हमारा लक्ष्य नहीं था, जबकि इससे पहले वे कई बार ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत के बाद नई व्यवस्था बन चुकी है।

Thu, 2 April 2026 01:08 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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डोनाल्ड ट्रंप ने तो युद्ध चुन लिया, पर भारत में LPG और पेट्रोल-डीजल पर क्या असर होगा; समझिए

Donald Trump Speech: अमेरिका-ईरान युद्ध के 32 दिन पूरे हो चुके हैं। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्र के नाम संबोधन ने इस संघर्ष की जटिलता और आगे की दिशा को लेकर कई संकेत दिए हैं। करीब 18 मिनट के इस भाषण में ट्रंप ने युद्ध खत्म करने की स्पष्ट समय सीमा तो नहीं दी, लेकिन कई अहम बातें सामने रखीं जिनका असर भारत समेत पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। आपको बता दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर भी इस युद्ध का असर है। इसकी वजह से भारत में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी सहित पेट्रोलियम उत्पादों की समस्या हो रही है।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को बहुत जल्द पूरा कर लेगा, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि अगले 2–3 हफ्तों तक हमले जारी रहेंगे। इसका मतलब है कि अमेरिका और इजरायल का अभियान कुल मिलाकर लगभग 7–8 हफ्तों तक चल सकता है। यह शुरुआत में तय रणनीति से अधिक लंबा समय है, जिससे संकेत मिलता है कि संघर्ष अभी जल्दी खत्म नहीं होगा।

रेजीम चेंज पर बदला रुख

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि रेजीम चेंज हमारा लक्ष्य नहीं था, जबकि इससे पहले वे कई बार ईरान में सत्ता परिवर्तन की बात कर चुके थे। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेताओं की मौत के बाद नई व्यवस्था बन चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि ईरान की राजनीतिक व्यवस्था अभी भी कायम है और पूरी तरह ध्वस्त नहीं हुई है। साथ ही बातचीत की गुंजाइश भी खुली रखी गई है।

बड़े हमलों की चेतावनी

ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों पर हमला कर सकता है। ऐसा कदम आम नागरिकों को सीधे प्रभावित करेगा और इसे युद्ध अपराध तक माना जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य शक्ति के सामने ईरान कमजोर पड़ चुका है।

परमाणु ठिकानों पर दावा

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों फोर्डो, नतांज और इस्फहान को पूरी तरह तबाह कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि ये ठिकाने अब न्यूक्लियर डस्ट में बदल चुके हैं और अमेरिका उनकी सैटेलाइट से निगरानी कर रहा है। हालांकि, स्वतंत्र खुफिया रिपोर्ट्स इस दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं।

होर्मुज पर जिम्मेदारी दूसरों पर

ट्रंप ने Strait of Hormuz को लेकर कहा कि जिन देशों को इस मार्ग से तेल मिलता है उन्हें खुद इसकी सुरक्षा करनी चाहिए। उन्होंने यूरोपीय देशों पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें हिम्मत दिखानी चाहिए और आगे आना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका मदद कर सकता है, लेकिन नेतृत्व दूसरों को करना होगा।

भारत पर असर

इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर भारत पर पड़ सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की अहम भूमिका है। लंबे युद्ध से तेल की कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ेगा। आपूर्ति बाधित होने पर ऊर्जा सुरक्षा चुनौती बन सकती है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति ने भी संकेत दिया है कि ईरान संघर्ष के लिए तैयार है और पीछे हटने के मूड में नहीं है।

कुल मिलाकर ट्रंप के भाषण से यह साफ है कि युद्ध अभी खत्म होने के करीब नहीं है। कूटनीतिक रास्ते खुले जरूर हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि संघर्ष लंबा चल सकता है और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ भारत पर भी गहराई से पड़ेगा।