180/KM की रफ्तार पर वाटर टेस्ट में यूं पास हुई वंदे भारत स्लीपर, रेल मंत्री ने जारी किया वीडियो
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बहुत जल्द लांच होने वाली है। मंगलवार को इसका ट्रायल रन हुआ। कोटा से नागदा के बीच वंदे भारत ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका वीडियो शेयर किया है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बहुत जल्द लांच होने वाली है। मंगलवार को इसका ट्रायल रन हुआ। कोटा से नागदा के बीच वंदे भारत ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसका वीडियो शेयर किया है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक खिड़की के पास तीन-चार गिलासें एक के ऊपर रखकर उसमें पानी भरा गया है। लेकिन ट्रेन की जबर्दस्त रफ्तार के बावजूद ना तो एक भी गिलास गिरती है और ना ही गिलास से एक भी बूंद पानी छलकता है।
जल्द होगी लांचिंग
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही लंबी दूरी की ओवरनाइट जर्नी के लिए भी लांच होने वाली है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह वंदे भारत ट्रेन का स्लीपर क्लास वैरियंट है। अभी तक वंदे भारत चेयर कार ट्रेन के रूप में ही चलती रही है। बीईएमएल ने एसी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के दो प्रोटोटाइप तैयार किए हैं। यह प्रोटोटाइप फिलहाल टेस्टिंग फेज में हैं।
बड़े बदलाव की तैयारी
भारतीय रेलवे लंबी दूरी की रेल यात्राओं में बड़े बदलाव की तैयारी में है। इसके तहत अगले कुछ साल में 200 से ज्यादा स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों को लाने की तैयारी है। इसके लिए अलग-अलग जगहों पर निर्माण कार्य चल रहा है। बीईएमएल, इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के साथ मिलकर 10 स्लीपर ट्रेन सेट्स बनाने में जुटा हुआ है। वहीं, अन्य 10 ट्रेन सेट्स किनेट द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। यह भारतीय और रूसी पार्टनर्स का संयुक्त उपक्रम है। इसके अलावा टीटागढ़ रेल सिस्टम्स और बीएचईएल को भी 80 स्लीपर वैरियंट्स बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, आईसीएफ वंदे भारत ट्रेन का इन-हाउस स्लीपर वर्जन बना रही है।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के खास फीचर्स
-वंदे भारत ट्रेन के पहले दो प्रोटोटाइप में 16 कोच हैं। इनमें 11 एसी थ्री टायर, चार एसी टू टायर और एक एसी फर्स्ट क्लास कोच है।
-एक सेमी हाई स्पीड ट्रेन के रूप में तैयार की गई वंदे भारत स्लीपर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। फिलहाल इसकी टेस्टिंग 180 किमी प्रति घंटे पर हो रही है। इसकी वास्तविक रफ्तार रेलवे ट्रैक की क्षमता पर निर्भर करेगी।
-वंदे भारत स्लीपर को यूरोपियन रोलिंग स्टॉक की तर्ज पर डिजाइन किया गया है। इसके स्लीपर कोच में कुशन बर्थ होंगी, जो बेहद आरामदेह होंगी। वहीं, इसकी अपर बर्थ को री-डिजाइन किया गया है, जिससे इस पर चढ़ना आसान होगा।
-पैसेंजर्स को मिलने वाली सुविधाओं में, लो-इंटेंसिटी की नाइट लाइट, विजुअल डिसप्ले के साथ ऑडियो अनाउंसमेंट, सीसीटीवी सर्विलांस और मॉड्यूलर पैंट्री की व्यवस्था है।
-इसमें एयरक्राफ्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स होंगे। दिव्यांगों के लिए खास सहूलियत होगी। बेबी केयर यूनिट भी होगी। इसके अलावा एसी फर्स्ट क्लास कोच में गर्म पानी के शॉवर क्यूबिकल्स भी होंगे।
-सुरक्षा के लिहाज से भी वंदे भारत स्लीपर बेहद अहम होगी। इसमें देसी कवच सिस्टम होगा, जो ट्रेनों की टक्कर होने से रोकेगा।





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