us sanctions on indian nuclear companies will remove and pakistan faces ban पोखरण के 26 साल बाद भारत से परमाणु पाबंदी हटाएगा अमेरिका, किन कंपनियों को फायदा; पाक को झटका, India News in Hindi - Hindustan
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पोखरण के 26 साल बाद भारत से परमाणु पाबंदी हटाएगा अमेरिका, किन कंपनियों को फायदा; पाक को झटका

  • अमेरिका ने भारत की कई असैन्य परमाणु कंपनियों पर पाबंदियां लगा दी थीं, जिन्हें अब हटाया जाएगा। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते महीने ही अमेरिका ने पाकिस्तान की कई परमाणु कंपनियों पर बैन लगाया था और यह कहा था कि वह एक ऐसी मिसाइल तैयार करने में जुटा है, जो सीधे अमेरिका तक को टारगेट कर सकती है।

Tue, 7 Jan 2025 09:20 AMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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पोखरण के 26 साल बाद भारत से परमाणु पाबंदी हटाएगा अमेरिका, किन कंपनियों को फायदा; पाक को झटका

अमेरिका के साथ भारत के बढ़ते रिश्तों के बीच एक अच्छी खबर आई है। भारत दौरे पर आए अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का कहना है कि पोखरण परीक्षण के बाद जो पाबंदियां लगी थीं, उन्हें हटाया जाएगा। अमेरिका की ओर से यह ऐलान भारत के लिए गुड न्यूज है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच परमाणु करार भी भविष्य में हो सकेंगे। मई 1998 में भारत ने पोखरण परमाणु परीक्षण किया था, जिससे भड़के अमेरिका ने भारत की कई असैन्य परमाणु कंपनियों पर पाबंदियां लगा दी थीं, जिन्हें अब हटाया जाएगा। यह इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते महीने ही अमेरिका ने पाकिस्तान की कई परमाणु कंपनियों पर बैन लगाया था और यह कहा था कि वह एक ऐसी मिसाइल तैयार करने में जुटा है, जो सीधे अमेरिका तक को टारगेट कर सकती है।

इस पर पाकिस्तान का कहना था कि अमेरिकी दावा झूठा है और उसके खिलाफ गलत कार्रवाई की गई है। यही नहीं भारत की ओर से इशारा करते हुए पाकिस्तान ने कहा था कि यदि कोई ऐसे पड़ोसी मुल्क का सामना कर रहा है, जो तमाम हथियारों से लैस है तो फिर पाकिस्तान के साथ यह ज्यादती है। 1998 के परमाणु परीक्षण के बाद भारतीय कंपनियों पर अमेरिका की ओर से लगाए बैन के चलते आज तक दोनों देशों के बीच परमाणु करार नहीं हो सके हैं। ऐसे में अब पाबंदियां हटने से भारतीय और अमेरिकी कंपनियों के बीच करार हो सकेंगे। इसके अलावा परमाणु समझौतों की दिशा में भी दोनों देशों के लिए आगे बढ़ना आसान होगा। जेक सुलिवन ने आईआईटी दिल्ली में सोमवार को यह बात कही।

जेक सुलिवन बोले- हटेंगे सारी बाधाएं, अब चलेंगे साथ

जेक सुलिवन ने कहा, 'आज मैं इस बात की घोषणा कर सकता हूं कि अमेरिका जरूरी कदम उठा रहा है ताकि भारत की परमाणु कंपनियों से पाबंदी हट जाए। इसके चलते करीब ढाई दशक से भारत और अमेरिकी परमाणु कंपनियों के बीच करार नहीं हो पा रहे थे।' उन्होंने कहा कि इस संबंध में औपचारिक कार्यवाही जल्दी ही शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे बीते दौर की गलतियों को खत्म करने का मौका मिलेगा। इसके अलावा अब हम भविष्य में परमाणु समझौतों की ओर बढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे निजी सेक्टर, वैज्ञानिक और तकनीकी क्षेत्र के लोग आपसी सहयोग के माध्यम से आगे बढ़ सकेंगे।

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अमेरिका के बैन हटाने से इन कंपनियों को होगा फायदा

अमेरिका के इस कदम से जिन कंपनियों से पाबंदी हटेगी, उनमें कई सरकारी संस्थाएं भी शामिल हैं। अमेरिका ने 1998 में जिन कंपनियों पर पाबंदी लगाई थी, उनमें भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर का डिपार्टमेंट ऑफ एटॉमिक एनर्जी, इंदिगा गांधी सेंटर फॉर एटॉमिक रिसर्च, इंडियन रेयर अर्थ्स, न्यूक्लियर रिएक्टर्स आदि शामिल हैं। जेक सुलिवन ने कहा कि हम देखेंगे कि अगला दशक अहम होगा, जब भारत और अमेरिका की कंपनियां मिलकर काम करेंगी। सेमीकंडक्टर तकनीक पर हम काम करेंगे। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए यह सहयोग अहम रहेगा। सुलिवन ने कहा कि सेमीकंडक्टर तकनीक पर भारत पहला देश है, जिसके साथ अमेरिका काम करेगा।