तमिलनाडु में जारी रहेगी दो-भाषा नीति, विजय सरकार ने 'PM Shri' पर नहीं लिया है कोई फैसला
तमिलनाडु में सरकार बदलने के बावजूद राज्य की दशकों पुरानी दो-भाषा नीति में कोई फेरबदल नहीं होगा। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार स्कूलों में केवल तमिल और अंग्रेजी पढ़ाने की नीति को जारी रखेगी।

तमिलनाडु में सरकार बदलने के बावजूद राज्य की दशकों पुरानी दो-भाषा नीति में कोई फेरबदल नहीं होगा। मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली टीवीके सरकार स्कूलों में केवल तमिल और अंग्रेजी पढ़ाने की नीति को जारी रखेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री एस राजमोहन ने स्पष्ट किया कि दो-भाषा नीति टीवीके के मूलभूत सिद्धांतों का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह केवल तमिलनाडु सरकार की नीति नहीं, बल्कि हमारी पार्टी का मूल सिद्धांत है। राज्य इस नीति का सख्ती से पालन करता रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
उनका यह बयान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत केंद्र सरकार द्वारा समर्थित तीन-भाषा फॉर्मूले के प्रति तमिलनाडु के कड़े विरोध को दोहराता है। पिछली डीएमके सरकार की तरह नई टीवीके सरकार भी तीन-भाषा नीति को 'हिंदी थोपने' की कोशिश मानती है। राजमोहन ने कहा कि पीएम श्री योजना पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन भाषा नीति पर राज्य का रुख पूरी तरह अटल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोगों को तमिल अवश्य सीखनी चाहिए क्योंकि यह उनकी मातृभाषा है, जबकि अंग्रेजी बाहरी संचार के लिए आवश्यक है। अन्य मुद्दों और योजनाओं पर विस्तृत चर्चा के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।
1968 से लागू है दो-भाषा फॉर्मूला
बता दें कि तमिलनाडु में वर्ष 1968 से दो-भाषा नीति लागू है। तब के मुख्यमंत्री सीएन अन्नादुरई ने तीन-भाषा फॉर्मूले को ठुकराते हुए सरकारी स्कूलों में केवल तमिल और अंग्रेजी पढ़ाने का फैसला किया था। तब से यह नीति राज्य की शिक्षा व्यवस्था की पहचान बन चुकी है।
पीएम श्री योजना क्या है?
प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) योजना वर्ष 2022 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य एनईपी 2020 के अनुरूप देशभर में 14500 से अधिक स्कूलों को आदर्श संस्थानों के रूप में विकसित करना है। योजना का कुल परिव्यय 27360 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र का हिस्सा 18128 करोड़ रुपये है। चयनित स्कूलों को बेहतर बुनियादी ढांचा, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
केंद्र-राज्य विवाद जारी
केंद्र सरकार ने 2024-25 में केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और पंजाब समेत कई राज्यों को समग्र शिक्षा निधि जारी करने में देरी या रोक लगा दी थी, क्योंकि इन राज्यों ने पीएम श्री योजना के समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था। हालांकि, दिल्ली और पश्चिम बंगाल ने अब योजना लागू कर दी है। केरल ने अक्टूबर 2025 में MoU पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन बाद में उसे रोक दिया गया। तमिलनाडु अभी भी इस मुद्दे पर अपना सख्त रुख बनाए हुए है।




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