tvk chief vijay thalapathy was not willing to do politics one fear was stopping him अभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे TVK चीफ, तमिनाडु में थालापति विजय को किस बात का था डर, India News in Hindi - Hindustan
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अभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे TVK चीफ, तमिनाडु में थालापति विजय को किस बात का था डर

थालापति विजय की पार्टी टीवीके ने तमिलनाडु के चुनावों में कमाल कर दिया है। कुल 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब विजय राजनीति में नहीं आना चाहते थे। फिर अचानक पार्टी बनाई और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आ गए।

Tue, 5 May 2026 12:38 PMMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, चेन्नई
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अभी राजनीति में नहीं आना चाहते थे TVK चीफ, तमिनाडु में थालापति विजय को किस बात का था डर

सोमवार को आए तमिलनाडु विधानसभा के चुनावी नतीजों में हाल ही में बनी पार्टी टीवीके ने कमाल कर दिया। अपने पहले ही चुनाव में टीवीके चीफ थालापति की पार्टी ने तमिलनाडु के 108 सीटों पर जीद दर्ज की है। आज पूरे देश में नई बनी पार्टी टीवीके और थालापति विजय की चर्चा है, लेकिन एक समय ऐसा भी था जब थालापति विजय राजनीति में नहीं आना चाहते थे। राजनीति में आने से पहले अपने भविष्य को लेकर विजय थालापति असमंजस में रहते थे। आइए जानते हैं उन्हें किस बात का डर था और वो राजनीति में अभी क्यों नहीं आना चाहते थे।

किस बात का था डर

साउथ की फिल्मों में सुपरस्टार थालापति विजय बॉक्स ऑफिस पर एकदम हिट थे और प्रदेश की जनता भी उन्हें भगवान की तरह पूजती थी, लेकिन वो राजनीति में नहीं आना चाहते थे। विजय के पिता भी चाहते थे कि वो राजनीति में आएं, लेकिन उनको अपने ऊपर पूरी तरह भरोसा नहीं था। अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर थालापति विजय निश्चित नहीं थे, इसलिए वो पार्टी नहीं बनाना चाहते थे।

थालापति विजय ने अचानक क्यों बनाई पार्टी

थालापति के माता-पिता उन्हें साल 2009 से ही राजनीति में लाना चाहते थे, क्योंकि पूरे तमिलनाडु में उनकी लोकप्रियता और फैन फॉलोइंग बहुत ज्यादा थी। लेकिन वो राजनीति में नहीं आए। इस दौरान वो चाहते थे कि प्रदेश में ऐसा वैक्यूम बने जब एक नई राजनीतिक पार्टी की जरूरत हो। साल 2016 में जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके (AIADMK) अपनी साख खोती दिख रही थी। तमिलनाडु में मजबूत संगठन के बावजूद अपने शीर्ष नेताओं के बीच चल रही लगातार लड़ाई के कारण एआईएडीएमके ने अपनी राजनीतिक हैसियत को खत्म कर लिया। इस दौरान विजय थालापति ने एआईएडीएमके के खिलाफ बुगल फूंक दिया और बीजेपी को भी निशाने पर लिया। एआईएडीएमके के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और बीजेपी के खिलाफ सांप्रदायिकता का आरोप लगाकर विजय ने जमीन पर अपना काम शुरू कर दिया। इस दौरान विजय को युवाओं और महिलाओं के बीच काफी समर्थन मिला। इसी समय विजय ने पार्टी बनाने का मन बना लिया और साल 2026 के चुनावों में कमाल करते हुए पहली बार में ही सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर आई।