TMC gives Congress a jolt on the no confidence motion against Om Birla refuses to sign ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, साइन करने से इनकार, India News in Hindi - Hindustan
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ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, साइन करने से इनकार

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। टीएमसी ने इस प्रस्ताव पर साइन करने से इनकार कर दिया है। वहीं सपा और डीएमके ने इसका समर्थन किया है।

Tue, 10 Feb 2026 12:00 PMAnkit Ojha लाइव हिन्दुस्तान
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ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, साइन करने से इनकार

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कांग्रेस को टीएमसी से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर साइन कर दिए हैं तो वहीं टीएमसी ने ऐसा करने से इनकार कर दिया है। सूत्रों की मानें तो अगर लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने का मौका दे दिया जाता है तो कांग्रेस यह अविश्वास प्रस्ताव वापस ले लेगी। समाजवादी पार्टी, डीएमके ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है।

सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए थे, हालांकि विपक्ष के एक प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों ने हस्ताक्षर नहीं किए। विपक्षी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, डीएमके और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

आज ही लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है नोटिस

सूत्रों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष को ''बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने'', भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सदन में की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर कार्रवाई शुरू नहीं करने और कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाए जाने के मामले में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के लिए नोटिस देने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में शामिल थी टीएमसी

सोमवार को हुई विपक्ष की बैठक में तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (शप) सहित कुछ अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया। बीते दो फरवरी को, राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने की अनुमति नहीं मिलने, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित किए जाने तथा अन्य मुद्दों पर सदन में गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

लोकसभा में हंगामा

मंगलवार को भी लोकसभा की कार्रवाई शुरू होते ही हंगामा होने लगा। इसके बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.। एसपी सांसद इकरा हुसैन ने सवाल किया था लेकिन हंगामे की वजह से संबंधित मंत्री जवाब नहीं दे पाई और पीठासीन पीसी मोहन ने कार्यवाही स्थगित करदी। आम तौर पर लोकसभा अध्यक्ष ही प्रश्नकाल के दौरान चेयर पर होते हैं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ना बोलने देने का आरोप लगाते हुए 2 फरवरी से ही सदन में हंगामा कर रहे हैं। पिछले सप्ताह 8 सांसदों को इस सत्र के लिए निलंबित भी कर दिया गया था।

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