three women tried to suicide in kolkata in fear to cut names from Voter List after SIR in west bengal एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाने का डर, तीन महिलाओं ने की जान देने की कोशिश, India News in Hindi - Hindustan
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एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाने का डर, तीन महिलाओं ने की जान देने की कोशिश

कोलकाता हाई कोर्ट के मेन गेट के पास मंगलवार को तीन महिलाओं ने कथित तौर पर खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। इन महिलाओं को डर था कि प्रदेश में मतदाता सूचियों के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा।

Tue, 12 Aug 2025 08:04 PMDeepak लाइव हिन्दुस्तान, कोलकाता
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एसआईआर के बाद वोटर लिस्ट से नाम हटाने का डर, तीन महिलाओं ने की जान देने की कोशिश

इन दिनों वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने-घटाने की खबरें लगातार आ रही हैं। इस बीच वोटर लिस्ट को लेकर पश्चिम बंगाल से एक चौंकाने वाली खबर आई है। यहां कोलकाता हाई कोर्ट के मेन गेट के पास मंगलवार को तीन महिलाओं ने कथित तौर पर खुद को आग लगाकर जान देने की कोशिश की। इन महिलाओं को डर था कि प्रदेश में मतदाता सूचियों के आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद उनका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। हालांकि सतर्क सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते महिलाओं को बचा लिया। तीनों महिलाओं की पहचान पूर्णिमा हलदर, सुतिश्ना सपुई और बंदना नश्कर के रूप में हुई है। ये सभी दक्षिण 24 परगना के बिष्णुपुर पुलिस स्टेशन की निवासी हैं। इन्हें तुरंत चिकित्सा जांच के लिए सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया।

पूछताछ में क्या बताया
पुलिस के अनुसार पूर्णिमा हलदर ने सुरक्षाकर्मियों द्वारा रोके जाने से पहले ही खुद पर केरोसिन डाल लिया था। पुलिस और जांच एजेंसियां महिलाओं से पूछताछ कर रही हैं ताकि उनके सार्वजनिक विरोध के पीछे का मकसद पता लगाया जा सके। महिलाओं ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्हें बताया गया था कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे। पुलिस इस दावे को लेकर सावधानी बरत रही है क्योंकि राज्य में अभी तक पुनरीक्षण अभियान शुरू नहीं हुआ है।

टीएमसी है एसआईआर के खिलाफ
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने एसआईआर प्रक्रिया का पूरी ताकत से विरोध करने का संकल्प लिया है। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने दिल्ली रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए तर्क दिया कि अगर मतदाता सूची में वास्तव में हेरफेर किया गया था, तो उन सूचियों का उपयोग कर कराए गए लोकसभा चुनावों को अमान्य घोषित किया जाना चाहिए।

अभिषेक बनर्जी ने जोर देकर कहा कि अगर आप कहते हैं कि एसआईआर की जरूरत इसलिए है क्योंकि मतदाता सूची में हेराफेरी की गई थी तो पिछले लोकसभा चुनाव जो उसी सूची के आधार पर हुए थे, में भी हेराफेरी की गई थी। इसी प्रक्रिया से चुने गए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। जिन राज्यों में उस सूची के आधार पर चुनाव हुए थे वहां की विधानसभाओं को भी भंग कर देना चाहिए।