तमिलनाडु में और मजबूत होगी विजय सरकार, AIADMK के एक धड़े ने भी किया समर्थन का ऐलान
एआईएडीएम के एक गुट ने भी टीवीके सरकार को सपोर्ट करने का फैसला कर लिया है। षणमुगम ने बताया कि पलानीस्वामी डीएमके का समर्थन करने को तैयार हो गए थे. जिसका विरोध किया गया और इसलिए टीवीके का समर्थन करने का फैसला कर लिया है।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIADMK) के वरिष्ठ विधायकों एस. पी. वेलुमणि और सी. वी. षणमुगम के नेतृत्व वाले धड़े ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) सरकार को समर्थन देने का निर्णय लिया है। षणमुगम ने पत्रकारों से कहा कि वे आज दोपहर मुख्यमंत्री विजय से मिलकर उनकी सरकार को समर्थन देने के लिए पत्र सौंपेंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि पार्टी महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी सरकार बनाने के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को समर्थन देना चाहते थे।
उन्होंने कहा, 'हमने उनके (पलानीस्वामी के) इस फैसले का विरोध किया क्योंकि अन्नाद्रमुक का गठन ही द्रमुक को हराने के लिए किया गया था।' षणमुगम ने यह भी मांग की कि पलानीस्वामी को तुरंत पार्टी की महापरिषद की बैठक बुलानी चाहिए। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में अन्नाद्रमुक ने 47 सीटें जीतीं। इस समर्थन के साथ ही विजय की सरकार और भी मजबूत हो जाएगी।
कौन बना तमिलनाडु का विधानसभा अध्यक्ष
विधायक जेसीडी प्रभाकर को मंगलवार को सर्वसम्मति से राज्य विधानसभा अध्यक्ष चुना गया। विधानसभा अध्यक्ष चुने जाने के लिए सदन की बैठक बुलाई गई, जिसमें कार्यवाहक विधानसभा अध्यक्ष एम.वी. करुपैया ने कहा कि मुख्यमंत्री सी. जोसफ विजय द्वारा प्रभाकर के नाम का प्रस्ताव रखा गया था और एकमात्र नामांकन प्राप्त होने पर उन्हें सर्वसम्मति से और निर्विरोध चुना गया है।
करुपैया ने इस चुनाव के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल के समाप्त होने की घोषणा की। उन्होंने सदन के नेता के. ए. सेंगोत्तैयान और विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन को सदन की परंपरा के अनुसार नव निर्वाचित विधानसभा अध्यक्ष को उनकी कुर्सी तक ले जाने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आज से प्रभाकर सदन की कार्यवाही का संचालन करेंगे। इसके बाद सेंगोत्तैयान और उदयनिधि ने प्रभाकर को बधाई दी। वे उन्हें सदन के मध्य स्थित उनकी कुर्सी तक ले गए, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य कुर्सी के दोनों ओर आमने-सामने बैठते हैं।
पदभार ग्रहण करते ही प्रभाकर ने विधानसभा उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराया। उन्होंने बताया कि थुरैयूर से टीवीके विधायक एम. रविशंकर उपाध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करने वाले एकमात्र सदस्य थे और उनका नामांकन सेंगोत्तैयान द्वारा प्रस्तावित किया गया था। उन्होंने कहा कि कोई प्रतिद्वंदी न होने की वजह से रविशंकर निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं।




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