सच नहीं बता रहा है अमेरिका, पकड़ लिए गए हैं उसके सैकड़ों सैनिक; ईरान का बड़ा दावा
ईरान की सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने कहा कहा कि ईरान ने अमेरिका को भी अच्छा खासा नुकसान पहुंचाया है और कई अमेरिकी सैनिकों को पकड़ लिया है। हालांकि अमेरिका सचाई छिपाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने दावा किया है कि हालिया संघर्ष के दौरान कई अमेरिकी सैनिकों को ईरानी बलों ने बंदी बना लिया है और अमेरिका इस सच्चाई को छिपाने की कोशिश कर रहा है। लारिजानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर रविवार को किये गये एक पोस्ट में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई अमेरिकी सैनिकों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिकी पक्ष उन्हें युद्ध में मारे जाने की बात कह रहा है, लेकिन यह सच्चाई ज्यादा समय तक छिपी नहीं रह सकेगी।
पिछले महीने के अंत से अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद क्षेत्र में संघर्ष तेज हो गया है। इसके जवाब में ईरान की सशस्त्र सेनाओं, विशेष रूप से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कई संवेदनशील और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से जवाबी हमले किये हैं।
इससे एक दिन पहले श्री लारिजानी ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका की कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को समझना चाहिए कि ईरान के सब्र को तोड़ने और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संकल्प के आधार पर ईरान अमेरिकी आक्रामकता का जवाब दिए बिना नहीं छोड़ेगा और उसे जवाबदेह ठहराया जाएगा।
शेरा लारिजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी बयानबाजी से यह स्पष्ट होता है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की व्यापक रणनीति विफल रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान की शासन व्यवस्था को कमजोर करना और राष्ट्रीय एकता को तोड़ना था, लेकिन यह लक्ष्य हासिल नहीं हो सका।
अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमले का दावा
ईरान ने दक्षिणी क्षेत्र में स्थित एक समुद्री जल शोधन संयंत्र पर हमले के बाद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर मिसाइल हमला करने का दावा किया है। ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक प्रेस टीवी ने रविवार को यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सर्वोच्च परिचालन कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम ज़ोलफक़ारी ने शनिवार को कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नौसेना के बहरीन स्थित नेवल सपोर्ट एक्टिविटी बहरीन अड्डे से कथित हमले के बाद की गयी। यह अड्डा अमेरिकी नौसैनिक बलों की केन्द्रीय कमान और पांचवें बेड़े का मुख्यालय है।
श्री ज़ोलफक़ारी ने कहा कि जुफ़ैर स्थित अमेरिकी अड्डे से क़ेश्म द्वीप के क़ेश्म डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले के बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सटीक ठोस ईंधन वाली मिसाइलों से उस अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाया।




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