tej pratap yadav challenge to tejashwi yadav rjd on rohini acharya देवी जैसी बहन रोहिणी... RJD पर भड़के तेजप्रताप, बोले- 25 क्या, अब 5 पर भी आओगे, India News in Hindi - Hindustan
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देवी जैसी बहन रोहिणी... RJD पर भड़के तेजप्रताप, बोले- 25 क्या, अब 5 पर भी आओगे

लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने आरजेडी को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि इसी तरह का रवैया रहा तो 25 से 5 सीट आने में भी ज्यादा वक्त नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि आखिर ये लोग सबको बाहर ही निकाल देंगे तो फिर पार्टी में आखिर कौन बचेगा। 

Wed, 19 Nov 2025 02:08 PMSurya Prakash लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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देवी जैसी बहन रोहिणी... RJD पर भड़के तेजप्रताप, बोले- 25 क्या, अब 5 पर भी आओगे

बिहार विधानसभा चुनाव की हार के बाद लालू यादव फैमिली में रार थम नहीं रही है। अब तेज प्रताप यादव ने एक बार फिर से अपने छोटे भाई और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को निशाने पर लिया है। उन्होंने रोहिणी आचार्य के पार्टी और परिवार से नाता तोड़ने को लेकर निशाना साधा और कहा कि ऐसा ही रहा तो पार्टी में बचेगा कौन। तेज प्रताप यादव की पार्टी जनशक्ति जनता दल के इंस्टा अकाउंट पर उनके नाम से एक डिटेल पोस्ट लिखी गई है। इसमें उन्होंने पूछा है- सबको निकालोगे तो रहेगा कौन? यह सवाल अब जनता पूछ रही है।

तेजप्रताप लिखते हैं, 'जब मुझे निकाला गया था तो यही लोग सोच रहे थे कि 'तेजप्रताप तो फ़ालतू है, इससे क्या फ़र्क पड़ेगा?' मुझे रोककर रखा गया… मेरी आवाज़ दबाई गई… फिर भी मैं पूरे मन से पार्टी में लगा रहा। लेकिन जिस दिन मैं बाहर निकला और 'नई RJD' की सच्चाई जनता के सामने रखी, उसी दिन इनको समझ आ गया कि इन्होंने क्या खोया है। आप ही देखिए कि आंकड़े क्या कहते हैं। 2015 में 80 सीट थे और 2020 में 2020 में 75। अब आकर 25 सीट पर ठहरे हैं। इसी तरह की राजनीति अगर जारी रही तो 25 से 5 तक आने में भी देर नहीं लगेगी।

उन्होंने कहा कि ये गिरावट मैं नहीं बल्कि जनता बता रही है कि गलती कहां हुई और मज़ेदार बात- आज वही लोग पूछ रहे हैं कि सबको निकालोगे तो रहेगा कौन? अफसोस यही सवाल तो आज जनता पूछ रही है कि पार्टी बची कहाँ है? तेजप्रताप लिखते हैं, ‘पहले मुझे निकाला फिर देवी जैसी मेरी बहन रोहिणी जी को निकाला। पूरा बिहार हंस रहा था कि जिस परिवार ने लोगों को हंसाया और रुलाया, वही आज खुद मज़ाक का पात्र बन गया। इज़्ज़त का तमाशा जब-जब हुआ है पार्थ, धर्म ने हस्तिनापुर ही नहीं, पूरा इतिहास बदल दिया है।’

आरजेडी की इस स्थिति के लिए उन्होंने अपने अलगाव को भी वजह बताया। वह लिखते हैं कि ये तो सिर्फ़ 20 दिन का ही कमाल है यदि मैं पूरे बिहार में घूमता तो इसी बार ये पांच सीट पर आ जाते। हम लोग 44 सीटो पर लड़े थे। वहां आरजेडी को मात्र 5 सीट ही मिली। बिहार की जनता समझ चुकी है कि RJD अब लालू जी की विचारधारा वाली पार्टी नहीं बल्कि जयचंदों द्वारा हथियाई गई पार्टी बन चुकी है। जहां सिद्धांत की जगह चाटुकार बैठा हो और समर्पण की जगह षड्यंत्र… वहां सवाल भी खोखले लगते हैं। मैंने कभी किसी को नहीं निकाला। मुझे तो मेरे ही घर से, मेरे ही लोगों से दूर किया गया। फिर भी जिस दिन जनता ने मुझे सुना एक बात साफ़ हो गई! राजनीति कुर्सी की नहीं— चरित्र की होती है।