'गोवा को सेक्स डेस्टिनेशन नहीं बना सकते', टेल्स ऑफ कामसूत्र कार्यक्रम पर लगी रोक
भारतीय काथोलिक बिशप सम्मेलन के अध्यक्ष ने कहा, 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के साथ दूसरों की पवित्र मान्यताओं का सम्मान करने की जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। मैं सभी से आपसी समझ, सम्मान और समुदायों में सद्भाव बढ़ाने की अपील करता हूं।'

गोवा में टेल्स ऑफ कामसूत्र एंड क्रिसमस सेलिब्रेशन नाम से कार्यक्रम आयोजित करने का सोशल मीडिया पर प्रचार हुआ। इसे लेकर भारी आक्रोश के बाद गोवा पुलिस ने तुरंत मामले का संज्ञान लिया और दिसंबर में होने वाले आयोजन पर रोक लगा दी है। साथ ही, सभी विज्ञापनों को हटाने के निर्देश दिए हैं। गोवा पुलिस ने अपने बयान में कहा, 'हमने इस मामले का तत्काल संज्ञान लिया है और आयोजकों को कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ाने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी विज्ञापनों को सोशल मीडिया से तुरंत हटाने को कहा गया है।' राज्य भर के सभी पुलिस थानों को आगामी आयोजनों पर सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शिकायतकर्ता अरुण पांडे गोवा स्थित एनजीओ अर्ज के संस्थापक-निदेशक हैं। उन्होंने ओशो, क्रिसमस और ध्यान के नाम पर गोवा को सेक्स डेस्टिनेशन के रूप में प्रचारित करने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। कैथोलिक एसोसिएशन ऑफ गोवा के अध्यक्ष सिरिल ए फर्नांडिस ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया गया कि यह आयोजन यौन अपराधों को बढ़ावा देता है और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
कार्यक्रम के विज्ञापन की कड़ी निंदा
भारतीय काथोलिक बिशप सम्मेलन के अध्यक्ष व गोवा के आर्चबिशप फिलिप नेरी कार्डिनल फेराओ ने विज्ञापन की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे ईसामसीह के पवित्र जन्मोत्सव को अश्लील व असंबंधित विषयों से जोड़ने वाला गैर-जिम्मेदाराना कृत्य बताया। उन्होंने इसे लाखों लोगों की धार्मिक भावनाओं के लिए गहरी ठेस पहुंचाने वाला करार दिया। आर्चबिशप ने आयोजकों से विज्ञापन तुरंत वापस लेने, क्रिसमस के आध्यात्मिक सार का सम्मान करने और अधिकारियों से मामले की जांच करने की अपील की। उन्होंने सभी काथोलिकों और सद्भावना रखने वाले लोगों से ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने का आह्वान किया, जो धार्मिक मूल्यों का अपमान करती हो।




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