कोई घूस लेते पकड़ा गया तो सीधा जेल भेजो, शुभेंदु अधिकारी का बंगाल पुलिस को निर्देश
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब तक शासक का कानून चलता था लेकिन अब कानून का राज होगा। पिछले सप्ताह कई प्रशासनिक आदेश जारी किए गए हैं और घोषणा किया कि राज्य में पुलिसिंग अब भारतीय न्याय संहिता के अनुसार होगी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में पुलिस प्रशासन में परिवर्तन का संकेत दिया है। उन्होंने कई अहम प्रशासनिक व पुलिसिंग उपायों की घोषणा की जिनमें पुलिस कल्याण बोर्ड का विघटन, जबरन वसूली नेटवर्क पर कार्रवाई और पुलिस कर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शामिल है। शनिवार को डायमंड हार्बर में फाल्टा विधानसभा उपचुनाव की तैयारियों को लेकर हुई उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक के बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कोई पुलिसकर्मियों पर हमला करता है तो उसे कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही, अगर कोई घूस लेते पकड़ा जाता है तो उसे सीधा जेल भेजा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पुलिस कल्याण बोर्ड एक राजनीतिक संगठन में बदल गया है और इसके तत्काल विघटन की घोषणा की। उन्होंने कहा, "पुलिस कल्याण बोर्ड एक पार्टी संगठन बन गया है। शांतनु सिन्हा बिस्वास और बिजीतेश्वर राउत के नाम जगजाहिर हैं। आज हमने बोर्ड को भंग कर दिया है। हम आक्रामक ट्रेड यूनियनवाद की अवधारणा को खत्म कर देंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि मुख्य सचिव के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों से परामर्श के बाद तीन महीने के अंदर एक नया बोर्ड गठित किया जाएगा। अवैध टोल वसूली व परिवहन गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की घोषणा करते हुए अधिकारी ने कहा कि पुलिस को अवैध ऑटो (ई-रिक्शा) और ऑटो गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
‘अब कानून का राज होगा’
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अब तक शासक का कानून चलता था लेकिन अब कानून का राज होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह कई प्रशासनिक आदेश जारी किए गए हैं और घोषणा किया कि राज्य में पुलिसिंग अब भारतीय न्याय संहिता के अनुसार संचालित होगी। उन्होंने आगे कहा कि पिछले पांच वर्षों में राजनीतिक हिंसा से प्रभावित लोगों को दस्तावेजी सबूत उपलब्ध हों या न हों, नई शिकायतें दर्ज करने की अनुमति दी जाएगी। पुलिस को निर्देश दिया गया है कि जहां भी आवश्यक हो जांच करें और नई एफआईआर दर्ज करें।
मुख्यमंत्री ने झूठी शिकायतें दर्ज कराने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने आगे कहा, "अगर हजारों झूठी शिकायतें दर्ज की जाती है तो बीएनएस की संबंधित धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।" सीएम ने केंद्र सरकार की योजनाओं के अंतर्गत लाभ के बदले पैसे मांगने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि अगर दस्तावेजी सबूत हैं तो आरोपियों को सीधे गिरफ्तार किया जाएगा और दस्तावेजों के अभाव में भी पुलिस जांच करेगी। पुलिस प्रशासन के विषय पर अधिकारी ने कहा कि पड़ोसी जिलों में तबादलों में महिला पुलिसकर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर अलीपुरदुआर की कोई महिला पुलिसकर्मी उत्तर दिनाजपुर या सिलीगुड़ी में काम करती है तो यह बांकुरा या पुरुलिया में तैनाती से बेहतर है।
पुलिस को दिए सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस बात की भी जांच करेगी कि क्या अधिकारियों को 15 साल से अधिक समय तक एक ही जिले में तैनात रहना चाहिए। आसनसोल में हुई हालिया हिंसा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शुक्रवार की घटना के संबंध में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा, "पहले राज्य में बीएनएस नहीं था लेकिन अब है। डर का माहौल था और सही व्यवस्था नहीं थी। अगले एक महीने तक स्थिति पर नजर रखी जाएगी।"उन्होंने पुलिस महानिदेशक और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हाल ही में जारी किए गए प्रशासनिक आदेशों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाए।




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