ममता बनर्जी के रास्ते चल दिए? बकरीद की बधाई दी तो शुभेंदु अधिकारी पर भड़के समर्थक
शुभेंदु अधिकारी ने जब बकरीद की बधाई दी तो उनके ही कुछ समर्थक भड़क गए। सोशल मीडिया ने कई लोगों ने शुभेंदु अधिकारी पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया। कुछ लोगों ने कहा कि शुभेंदु अधिकारी भी ममता बनर्जी के रास्ते पर चल दिए।

बंगाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी जिस तरह से एक एक बाद एक फैसले ले रहे हैं, उससे उनके समर्थकों में अच्छा-खासा उत्साह है। वहीं अधिकारी ने जब बकरीद की बधाई दी तो उनके कई समर्थक भड़क हुए। सोशल मीडिया पर भी बहुत सारे लोग उनकी पोस्ट पर आपत्ति जताने लगे। बता दें कि बकरीद के मौके पर अधिकारी ने सोशल मीडिाय पोस्ट में लिखा था, ईद उल अजहा मनाने वाले सभी लोगों को बधाई। आपका परिवार समृद्ध रहे।
सीएम अधिकारी के इस पोस्ट पर बहुत सारे लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी तो वहीं अन्य कई लोगों को यह बधाई नागवार गुजरी। एक यूजर ने लिखा, सनातन धर्म की धरती पर ईद की जगह नहीं है। मुस्लिम आक्रांताओं के किसी भी त्योहार को भारत में नहीं मनाना चाहिए। एक अन्य यूजर नेक हा, गाय काटने वाले लोगों के उत्सव पर भारत भूमि पर बैन लगा देना चाहिए। हम गाय की पूजा करते हैं और हिंदू बहुल भूमि पर गाय को काटने वालों को जगह नहीं मिलनी चाहिए।
एक यूजर ने लिखा, आतंक फैलाने वाले लोगों के त्योहार पर उन्हें बधाई देने की कोई जरूरत नहीं है। अधिकारी के ही कई समर्थकों ने कहा कि वह मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति कीओर रुख कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, आपको याद दिला रहा हूं कि मुस्लिमों ने आपको वोट नहीं दिया है। आप भी वही करने लगे जो पहले वाली मुख्यमंत्री कर रही थीं। क्या आप बदल गए हैं? यह किस तरह का तुष्टीकरण है।
बता दें कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी गुरुवार को नदिया जिले के एक इस्कॉन मंदिर में पहुंचे थे और गो पूजा की थी। अधिकारियों के अनुसार, पारंपरिक सफेद धोती-कुर्ता पहने शुभेंदु पूर्वाह्न करीब साढ़े 11 बजे नंगे पांव मंदिर परिसर की गौशाला में दाखिल हुए, और विशेष 'गौ पूजा' अनुष्ठान किया तथा बाद में गायों को फल एवं मिठाइयां खिलाईं। वह 'यज्ञ' में शामिल हुए और फिर इस्कॉन के साधु-संतों तथा प्रबंधन के सदस्यों से बात करने के लिए चंद्रोदय मंदिर पहुंचे।विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद इस महीने की शुरुआत में मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के बाद शुभेंदु का मायापुर स्थित इस्कॉन मुख्यालय का यह पहला दौरा है।
शुभेंदु ने कहा, ''मैं यहां सच्चे दिल से आया हूं। मैं एक 'सनातनी' हूं और इस्कॉन का समर्पित अनुयायी हूं। गीता के संदेश से प्रेरित होकर, हम लोगों के कल्याण के लिए काम करना चाहते हैं और बंगाल के खोए हुए गौरव को बहाल करना चाहते हैं।' मुख्यमंत्री ने दुनिया भर में 'हरे कृष्ण आंदोलन' और रथ यात्रा के प्रसार में इस्कॉन के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस संगठन ने श्रील प्रभुपाद की शिक्षाओं के माध्यम से भारतीय आध्यात्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों को पूरी दुनिया में पहुंचाया है।




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