मदरसों में वंदे मातरम से लेकर गोहत्या तक, शुभेंदु सरकार के 12 दिनों में बंगाल में क्या-क्या बदला
पिछले 12 दिनों में ही शुभेंदु सरकार ने कई बड़े फैसले किए हैं जिनका व्यापक असर भी दिखाई दे रहा है। इनमें मदरसों में वंदे मातरम को अनिवार्य करने से लेकर गोहत्या पर सख्ती तक के फैसले शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार में पहली बार बीजेपी की सरकार बनने के बाद पिछले 12 दिनों में ही कई बड़े फैसले लागू कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी शपथ लेने के बाद से ही जबरदस्त ऐक्शन मोड में हैं। बंगाल में सीएए की प्रक्रिया शुरू करने से लेकर सरकारी नौकरियों की आयु सीमा में छूट और मदरसों में वंदे मातरम अनिवार्य करने तक कई ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं जिनका असर भी साफ दिखाई दे रहा है। शुभेंदु सरकार ने 19 मई को जारी आदेश में कहा गया है कि शिक्षा विभाग के अंतरगत आने वाले सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य होगा।
12 दिनों में लिए गए कौन से बड़े फैसले
आयुष्मान भारत और केंद्र की योजनाओं को लागू करनाः पश्चिम बंगाल में जब तक ममता बनर्जी की सरकार थी तब तक केंद्र की कई योजनाओं पर रोक लगी हुई थी। शुभेंदु सरकार ने उन योजनाओं को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। इसमें आयुष्मान भारत योजना भी शामिल है जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा।
शुरू होगी जनगणना
पश्चिम बंगाल में जनगणना भी रुकी हुई थी जिसे तुरंत शुरू करने का आदेश जारी किया गया है। जून 2025 में केंद्र सरकार ने इस मामले में आदेश जारी कया था। हालांकि ममता बनर्जी की सरकार ने जनगणना की प्रक्रिया नहीं शुरू करवाई थी।
सीमा पर बाड़ लगाने का काम
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सरकार ने कहा है कि डेढ़ महीने के भीतर की 600 एकड़ जमीन बीएसएफ को सौंप दी जाएगी। इस फैसले से लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का भी हल निकल सकता है।
सीएए की प्रक्रिया
शुभेंदु सरकार बनते ही राज्य में सीएए की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 31 दिसंबर 2024 तक भारत आने वाले 7 समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का काम शुरू हो गया है। पुलिस इन लोगो को हिरासत में नहीं ले सकती है।
केंद्रीय प्रशिक्षण के लिए भेजे जाएंगे अधिकारी
राज्य के आईएएस, पीसीएस और डब्लूबीपीएस अधिकारियों को अब केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रशिक्षण शिविरों में भेजा जाएगा। ममता बनर्जी की सरकार में उन्हें केंद्र के प्रशिक्षण में नहीं भेजा जाता था।
सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा में छूट
राज्य में सरकारी नौकरियों की इच्छा रखने वाले युवाओं को बड़ी राहत देते हुए शुभेंदु सरकार ने ऊपरी आयु की सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है। पहली कैबिनेट की बैठक में ही इसपर मोहर लगा दी गई थी।
भारतीय दंड संहिता
शुभेंदु सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों को लागू करना का आदेश जारी कर दिया है। आईपीसी और सीआरपीसी की जगह अब भारतीय दंड संहिता को लागू किया जाएगा। पिछली सरकार में इसे लागू नही किया जा सका था।
धर्म-आधारित योजनाएं बंद
शुभेंदु सरकार ने कहा है कि जून से मदरसा विभाग और धार्मिक समूहों को मिलने वाली विशेष सहायता को बंद कर दिया जाएगा। सरकार धर्म के आधार पर कोई भी सहायता नहीं देगी। सभी के लिए समान रूप से कल्याणकारी योजनाएं चलाई जाएंगी। इसके अलावा महिलाओं के लिए 1 जून से अन्नपूर्णा योजना शुरू की जा रही है जिसके तहत हर महीने 3 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना गाय-भैंस की हत्या नहीं
पश्चिम बंगाल की बीजेपी सरकार ने 1950 के ऐक्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए आदेश दिया है कि बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के किसी भी गाय या भैंस की हत्या नहीं की जा सकती है।




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