Sukhoi-30 plane crashes in Assam killing both pilots सुखोई-30 विमान हादसे में दोनों पायलट की गई जान, असम में हुआ था क्रैश, India News in Hindi - Hindustan
More

सुखोई-30 विमान हादसे में दोनों पायलट की गई जान, असम में हुआ था क्रैश

खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, बचाव दल शुक्रवार तड़के दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में सफल रहे। यहां उन्हें दोनों पायलट के पार्थिव शरीर मिले।

Fri, 6 March 2026 10:42 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
share
सुखोई-30 विमान हादसे में दोनों पायलट की गई जान, असम में हुआ था क्रैश

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में गुरुवार शाम को दुर्घटनाग्रस्त हुए सुखोई Su-30 MKI लड़ाकू विमान के दोनों पायलटों ने इस हादसे में अपनी जान गंवा दी है। वायुसेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर ने इस घातक दुर्घटना में वीरगति प्राप्त की।

वायुसेना के अनुसार, सुखोई Su-30 MKI विमान गुरुवार शाम को अपनी नियमित ट्रेनिंग मिशन पर था। विमान ने असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन से उड़ान भरी थी। विमान का रडार और ग्राउंड कंट्रोल से संपर्क गुरुवार शाम 7:42 बजे टूट गया। इसके बाद विमान ओवरड्यू (समय पर न लौटने वाला) घोषित कर दिया गया और तुरंत बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।

विमान जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दूर कार्बी आंगलोंग जिले के बोकाजन के अंतर्गत आने वाले दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ। स्थानीय निवासियों ने पुलिस को सूचना दी थी कि उन्होंने शाम के वक्त एक जोरदार धमाके और क्रैश की आवाज सुनी थी। खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद, बचाव दल शुक्रवार तड़के दुर्घटनास्थल तक पहुंचने में सफल रहे। यहां उन्हें दोनों के पार्थिव शरीर मिले।

भारतीय वायुसेना ने शुक्रवार सुबह एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा, "भारतीय वायुसेना स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करती है, जिन्होंने इस सुखोई क्रैश में अपनी जान गंवा दी। वायुसेना के सभी कर्मी शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और दुःख की इस घड़ी में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।"

सुखोई Su-30 MKI भारतीय वायुसेना के बेड़े का सबसे शक्तिशाली और भरोसेमंद लड़ाकू विमान माना जाता है। ऐसे में एक नियमित प्रशिक्षण उड़ान के दौरान इस दुर्घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं। वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इनक्वायरी' के आदेश दे दिए हैं। तकनीकी खराबी या मानवीय त्रुटि सहित सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी।

शहीद हुए दोनों अधिकारी वायुसेना के होनहार पायलट थे। उनकी शहादत पर न केवल सेना बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है।