सरायकेला छऊ के लिए गौरवपूर्ण क्षण: रंजीत कुमार आचार्य भारत सरकार की 'वरिष्ठ फैलोशिप' के लिए चयनित
सरायकेला की छऊ नृत्य शैली के प्रतिष्ठित साधक रंजीत कुमार आचार्य का चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा 2025-2026 की वरिष्ठ फैलोशिप के लिए किया गया है। यह सम्मान सरायकेला छऊ की वर्षों की परंपरा और सांस्कृतिक गरिमा का राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्रदान करता है और इसे नई पहचान देगा।

सरायकेला, संवाददाता । सरायकेला की ऐतिहासिक और पारंपरिक छऊ नृत्य शैली के लिए एक बेहद हर्ष और गौरव का क्षण सामने आया है। सरायकेला छऊ के जाने-माने साधक रंजीत कुमार आचार्य का चयन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2025–2026 की प्रतिष्ठित वरिष्ठ फैलोशिप के लिए किया गया है।यह सम्मान केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह सरायकेला छऊ की वर्षों की अटूट साधना, समृद्ध परंपरा और सांस्कृतिक गरिमा का राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ा सम्मान है। रंजीत कुमार आचार्य लंबे समय से छऊ नृत्य की बारीकियों को संजोने और इसे नई पीढ़ी तक पहुँचाने में जुटे हैं।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा दिया जाने वाला यह सीनियर फैलोशिप सम्मान उनकी इसी कलात्मक निष्ठा और विशेषज्ञता पर मुहर लगाता है। इस चयन से न केवल सरायकेला-खरसावां जिले में बल्कि पूरे झारखंड के सांस्कृतिक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस बड़ी उपलब्धि पर क्षेत्र के कलाप्रेमियों, छऊ कलाकारों और प्रबुद्ध नागरिकों ने श्री आचार्य को बधाई दी है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान सरायकेला छऊ को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय मंचों पर एक नई ऊंचाई और पहचान देगा।




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