In Tamil nadu prabhakaran effects still continues Candidates seeking votes with photo of LTTE chief राजीव गांधी को मरवाने वाले प्रभाकरन के नाम पर तमिलनाडु में क्यों मांगा जा रहा है वोट? जानें कारण, India News in Hindi - Hindustan
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राजीव गांधी को मरवाने वाले प्रभाकरन के नाम पर तमिलनाडु में क्यों मांगा जा रहा है वोट? जानें कारण

तमिलनाडु में 6 अप्रैल को वोटिंग होने वाली है। उससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक रहे वेलुपिल्लई प्रभाकरन की तस्वीरों और कट-आउट के साथ प्रचार करते...

Thu, 25 March 2021 07:28 PMHimanshu Jha एएनआई, चेन्नई।
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राजीव गांधी को मरवाने वाले प्रभाकरन के नाम पर तमिलनाडु में क्यों मांगा जा रहा है वोट? जानें कारण

तमिलनाडु में 6 अप्रैल को वोटिंग होने वाली है। उससे पहले विभिन्न राजनीतिक दलों ने लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक रहे वेलुपिल्लई प्रभाकरन की तस्वीरों और कट-आउट के साथ प्रचार करते हुए देखा जा रहा है। वोटरों को अपने पक्ष में करने के उम्मीदवारों के इस तरकीब से एक बात तो कहा जा सकता है कि मृत्यु के वर्षों बाद भी प्रभाकरन का राजनीतिक दबदबा कायम है।

गुरुवार को पुदुक्कोट्टई जिले के थिरुमायम निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे नाम तमिलर कात्ची (एनटीके) के शिव रमन ने चुनाव प्रचार के दौरान प्रभाकरन की तस्वीरों और कट-आउट का इस्तेमाल किया।

एनटीके के अलावा, फिल्मकार से राजनेता बने सेंथमीज़हान सेमैन, राज्यसभा सांसद वारुको की अगुवाई वाली मारुमलाची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) को भी लिट्टे प्रमुख के कट आउट के साथ चुनाव प्रचार करते देखा गया है। यह सिलसिला यहीं नहीं थमता है। थोल के नेतृत्व में विदुथलाई चिरुथिगाल काची पार्टी और थिरुमावलवन को भी प्रभाकरन की तस्वीरों के साथ चुनावी मैदान में देखा गया गया है।

आपको बता दें कि लिट्टे प्रमुख प्रभाकरन की मृत्यु 18 मई, 2009 को श्रीलंका में हुई थी। आपको बता दें कि प्रभाकरन ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या करवाई थी।

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे और मतों की गिनती 2 मई को होगी।