Speculation Mounts Over Modi Cabinet Reshuffle Leaders from These States May Secure a Spot मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज, इन राज्यों के नेताओं को मिल सकती है जगह, India News in Hindi - Hindustan
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मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज, इन राज्यों के नेताओं को मिल सकती है जगह

9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण के बाद से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई विस्तार या फेरबदल नहीं हुआ है, इसलिए इस बार बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

Sat, 16 May 2026 12:55 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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मोदी कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा तेज, इन राज्यों के नेताओं को मिल सकती है जगह

पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में मिली शानदार जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के भीतर और केंद्र सरकार में एक बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, नए नियुक्त किए गए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा अपनी नई टीम की घोषणा के बाद सरकार में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

केंद्र में अपने दम पर बहुमत से चूकने के बाद भाजपा ने सहयोगियों विशेष रूप से जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के समर्थन से सरकार बनाई थी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि भाजपा ने अभी तक राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के अपने सहयोगी दलों के साथ अतिरिक्त मंत्री पदों की संभावनाओं को लेकर कोई औपचारिक चर्चा शुरू नहीं की है।

9 जून 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार तीसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण के बाद से केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई विस्तार या फेरबदल नहीं हुआ है, इसलिए इस बार बड़े बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

21 मई की बैठक ने बढ़ाई हलचल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में 21 मई 2026 को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक ने इन अटकलों को और हवा दे दी है। हालांकि, एक सरकारी अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "मंत्रिपरिषद की बैठकें नियमित अंतरालों पर होती रहती हैं। इस समय देश मध्य पूर्व के संकट से उत्पन्न चुनौतियों से निपट रहा है, इसलिए ऐसी बैठक होना कोई असामान्य बात नहीं है।"

2029 लोकसभा की तैयारी

भाजपा नेताओं के अनुसार, इस संगठनात्मक बदलाव को आगामी चुनावी रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी इसके जरिए 2027 के विधानसभा चुनावों, राष्ट्रपति चुनाव और 2029 के लोकसभा चुनावों की नींव तैयार कर रही है।

वरिष्ठ नेताओं को मिल सकती है जिम्मेदारी

संभावना है कि कुछ वरिष्ठ नेताओं, जो वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं या प्रदेश अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों पर रहे हैं उन्हें संगठन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय टीम में लाया जा सकता है। अगले साल उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में चुनाव होने हैं, जिनके लिए मजबूत नेतृत्व और सटीक योजना की आवश्यकता है।

युवाओं और महिलाओं को मिलेगी तरजीह

भाजपा 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, मणिपुर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में चुनावी मुकाबले का सामना करेगी। इनमें से पांच राज्यों में भाजपा पहले से ही सत्ता में है। वहीं पंजाब में, शिरोमणि अकाली दल (SAD) से गठबंधन टूटने के बाद, पार्टी सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ सीधे मुकाबले की तैयारी कर रही है।

एक वरिष्ठ नेता ने बताया, "केंद्रीय कैबिनेट और राष्ट्रीय टीम में उन पांच राज्यों के चेहरों को शामिल किया जा सकता है जहां अभी चुनाव संपन्न हुए हैं, साथ ही आगामी चुनावी राज्यों को भी प्रतिनिधित्व मिलेगा। चूंकि पार्टी अगले दशक की योजना बना रही है, इसलिए युवा नेताओं, महिलाओं और कुछ पेशेवरों को भी जगह दी जाएगी।"

नितिन नवीन के सामने संतुलन की चुनौती

इसी साल जनवरी में भाजपा के सबसे युवा अध्यक्ष बने 45 वर्षीय नितिन नवीन से उम्मीद की जा रही है कि वे अपनी नई टीम में अनुभवी दिग्गजों और युवा चेहरों के बीच एक बेहतरीन संतुलन बिठाएंगे। मंत्रियों के संगठन में लौटने के सवाल पर एक अन्य नेता ने कहा कि जिन मंत्रियों की उम्र एक तय सीमा से अधिक हो चुकी है या जिनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उन्हें पार्टी की भूमिका सौंपी जा सकती है। हालांकि, मंत्रियों के कामकाज का आकलन पूरी तरह से प्रधानमंत्री का विशेषाधिकार है, इसलिए अंतिम फैसला उन्हीं का होगा।