पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा अमेरिका; ईरान युद्ध को लेकर थरूर, भारत सरकार को भी सलाह
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ईरान युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थ वाली भूमिका को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की भूमिका को भारत के लिए झटका नहीं माना जाना चाहिए। ऐसा भी हो सकता है कि अमेरिका, पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा है।

Shashi Tharoor on Iran war: पश्चिम एशिया में जारी संकट लगातार उलझता जा रहा है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच में पाकिस्तान इस वक्त मध्यस्थ की भूमिका में है। इस शांति समझौते को 'इस्लामाबाद अकॉर्ड' का नाम दिया जा रहा है। शांति के इस प्रयास पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान की भूमिका को भारत के लिए झटका नहीं माना जाना चाहिए। क्योंकि पाकिस्तान की भूमिका के पहले वैश्विक समीकरण काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा भी संभव है कि अमेरिका, पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा हो।
न्यूज 18 से बात करते हुए थरूर ने पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर और डोनाल्ड ट्रंप के करीबी संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा इन करीबी संबंधों की वजह से पाकिस्तान को मध्यस्थ बनने में मदद मिली है। जरूरी नहीं है कि पाकिस्तान खुद इस शांति प्रक्रिया की पहल कर रहा हो, ऐसा भी संभव है कि अमेरिका उसका इस्तेमाल कर रहा हो। उन्होंने कहा, "संभव है कि अमेरिका अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए पाकिस्तान का इस्तेमाल कर रहा हो।"
ईरान में पाकिस्तान का मध्यस्थ होना, भारत के लिए झटका नहीं: थरूर
कांग्रेस नेता ने कहा कि ईरान में पाकिस्तान की भूमिका भारत के लिए झटका नहीं है। उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि पाकिस्तान का मध्यस्थ होना भारत के लिए किसी तरह से नुकसानदेह साबित होगा। भारत को इस पर व्यावहारिक रुख अपनाना होगा। हमें इससे कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।" थरूर ने जोर देकर कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान की भूमिका के बाद भी भारत और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट नहीं आनी चाहिए।
केवल दर्शक बनकर नहीं रह सकता भारत: थरूर
ईरान में भड़कते युद्ध को लेकर थरूर ने कहा कि भारत इस संघर्ष को दूर से नहीं देख सकता। उन्होंने कहा कि खाड़ी क्षेत्र से भारत के जियोपॉलिटिकल और इकॉनॉमिक हित जुड़े हुए हैं। ऐसे में उसे कूटनीतिक रूप से सतर्क रहना चाहिए।
हालांकि, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत को तुरंत ही मध्यस्थ की भूमिका में नहीं आना चाहिए। लेकिन सरकार को लगातार स्थिति का आकलन करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर अधिक सक्रिय कूटनीतिक रुख अपनाने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा, "अगर अभी होने वाली पाकिस्तानी मध्यस्थता असफल होती है, तो भारत को देखना चाहिए कि वह क्या कर सकता है।"
सरकार की नीति का शशि थरूर ने किया बचाव
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने एक बार फिर ईरान के मुद्दे पर भारत के स्टैंड का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि भारत की रणनीतिक चुप्पी नैतिक आत्मसमर्पण नहीं है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध से भारत की ऊर्जा सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों के हितों पर सीधा असर पड़ रहा है। ऐसे में सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए




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