चड्ढा नहीं हूं जो चड्ढी बन जाऊं; सवालों से भागती दिखीं सायोनी घोष, कार का दरवाजा बंद कर निकल गईं
TMC की बागी सांसद सायोनी घोष से एयरपोर्ट पर उनके पुराने बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि मैं चड्ढा नहीं हूं, जो चड्ढी बन जाऊं, पर सवाल किए गए। इस पर वह चुप्पी साधे रहीं और कार का दरवाजा बंद करके निकल गईं।

बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई है। कुछ ही दिनों में कई इस्तीफे हो गए तो विधानसभा से लेकर लोकसभा तक विधायक और सांसदों ने बगावत कर दी है। लोकसभा में काकोली घोष के नेतृत्व में 20-22 सांसद ममता के खिलाफ हो गए हैं। इस सूची में सायोनी घोष का भी नाम है, जो एक समय भाजपा पर काफी हमलावर रही हैं। अब उनके एक बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि वो चड्ढा (राघव चड्ढा) नहीं हूं, जो चड्ढी बन जाऊंगी, पर उनसे सवाल किया जा रहा है।
दिल्ली में एक अहम बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचीं सायोनी घोष से एयरपोर्ट पर पत्रकारों ने कई कड़े सवाल पूछे, लेकिन वह ज्यादातर समय चुप्पी साधे रहीं। उन्होंने बस इतना कहा कि वह मीडिया के सवालों के जवाब नहीं देंगी, बल्कि अपने क्षेत्र की जनता को जवाब देंगी। वहीं, एक महिला पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि आपने कहा था कि मैं चड्ढा नहीं हूं, जो चड्ढी बन जाऊं, इस पर आपका क्या कहना है। यह सवाल सुनकर भी सायोनी ने कुछ भी नहीं कहा और वहां से भागते हुए कार में बैठकर उसका दरवाजा बंद करके निकल गईं।
सायोनी ने कहा था- मैं चड्ढा नहीं, जो चड्ढी हो जाऊं
सायोनी घोष की यह प्रतिक्रिया वायरल हो रही है। दरअसल, बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान 'न्यूज पिंच' से बात करते हुए जब सायोनी के सामने राघव चड्ढा के भाजपा में शामिल होने को लेकर सवाल किया था, तो उन्होंने दो टूक कहा था कि मैं चड्ढा नहीं हूं, जो चड्ढी हो जाऊं। इस बयान से मतलब था कि वह राघव चड्ढा की तरह भाजपा ज्वाइन नहीं करेंगी। राघव ने सात सांसदों समेत आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली थी।
64 विधायक, 22 सांसद हुए बागी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की करारी हार हुई और पार्टी 15 सालों बाद सत्ता से बाहर हो गई। भाजपा को 208 सीटों पर जीत मिली, जबकि टीएमसी महज 80 सीटें ही जीत सकी। इसके बाद टीएमसी में टूट का दौर शुरू हो गया। नतीजों के कुछ ही दिनों बाद 60 से ज्यादा विधायकों ने नया नेता विपक्ष चुन लिया। अब यह संख्या बढ़कर 64 हो गई है। उधर, लोकसभा और राज्यसभा में भी सांसद बागी हो गए। सुष्मिता देव समेत कुछ सांसदों ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया, जबकि लोकसभा से काकोली घोष के नेतृत्व में नया गुट बना। उनका दावा है कि अब तक 22 सांसद इस गुट का हिस्सा बन चुके हैं। यह गुट लोकसभा में ममता की टीएमसी के सांसदों से अलग बैठेगा और एनडीए को सपोर्ट करेगा।




साइन इन