रिजल्ट अलर्ट, OSM और हैकिंग विवाद; CBSE की गड़बड़ियां और सफाई, मई में क्या-क्या हुआ?
CBSE News Today: कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद CBSE लगातार विवादों में घिरा हुआ है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली में आई गंभीर खामियां, उत्तर पुस्तिकाओं की गलत स्कैन कॉपियां और अब बोर्ड की वेबसाइट हैक किए जाने के दावे ने पूरे माह बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कक्षा 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) लगातार विवादों में घिरा हुआ है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली में आई गंभीर खामियां, उत्तर पुस्तिकाओं की गलत स्कैन कॉपियां और अब बोर्ड की वेबसाइट हैक किए जाने के दावे ने पूरे माह बोर्ड की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, परिणाम घोषणा से पहले ही छात्रों और अभिभावकों का तनाव बढ़ाने वाली घटनाएं शुरू हो गई थीं। 13 मई को परिणाम घोषित होने से महज दो दिन पहले UMANG और DigiLocker ऐप्स पर 'परिणाम जल्द ही आएंगे' जैसे बार-बार नोटिफिकेशन जारी किए गए। DigiLocker ने 11 मई को दोपहर 2:14 बजे और शाम 5:38 बजे दो बार यह अपडेट साझा किया, जिसे UMANG ऐप ने भी रीपोस्ट किया। जिसे छात्रों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन व्यवहार बताया।
बता दें कि इस वर्ष CBSE ने कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पहली बार OSM प्रणाली अपनाई थी। बोर्ड का दावा था कि इससे मूल्यांकन में मानवीय गलतियां कम होंगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व तेज होगी। 13 मई को जारी परिणामों में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 85.20 रहा, जो पिछले वर्ष के 88.39 प्रतिशत से करीब 3.19 प्रतिशत कम है। रिजल्ट आने के तुरंत बाद छात्रों ने स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं में धुंधली छवियां, गायब पन्ने और बेमेल लिखावट की शिकायतें शुरू कर दीं।
विवाद की चिंगारी बनी दिल्ली छात्र की शिकायत
दिल्ली के छात्र वेदांत श्रीवास्तव की शिकायत ने इस पूरे मामले को नया मोड़ दिया। भौतिकी विषय में अपेक्षाकृत कम अंक आने पर वेदांत ने 19 मई को अपनी स्कैन कॉपी मंगवाई। 23 मई को प्राप्त कॉपी देखकर उन्होंने दावा किया कि उनकी भौतिकी की उत्तर पुस्तिका उनकी लिखावट से मेल नहीं खा रही थी।
वेदांत ने एक्स पर अपनी अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान की उत्तर पुस्तिकाओं के स्क्रीनशॉट साझा किए। उनकी पोस्ट वायरल हो गई और 32 लाख से अधिक बार देखी गई। हालांकि, सोशल मीडिया पर उन्हें 'पाकिस्तानी' कहकर ट्रोल किया गया और धमकियां दी गईं। बाद में CBSE ने स्वीकार किया कि तकनीकी गड़बड़ी के कारण वेदांत के रोल नंबर के साथ गलत स्कैन कॉपी अपलोड हो गई थी। बोर्ड ने उनके अंकों में संशोधन का आश्वासन दिया।
हैकिंग का दावा
OSM विवाद के बीच एक और बड़ा झटका तब लगा जब 19 वर्षीय निसर्गा अधिकारी नामक युवा ने दावा किया कि उसने CBSE पोर्टल को हैक कर लिया है और OSM सिस्टम में गंभीर सुरक्षा कमजोरियां पाई हैं। खुद को शौकिया साइबर सुरक्षा शोधकर्ता बताने वाले निसर्गा ने 22 मई को एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से यह दावा किया। टेक्नोलॉजी उद्यमी डीएडी दास ने इस पोस्ट को साझा करते हुए इसे 'बेहद शर्मनाक' करार दिया और चेतावनी दी कि ऐसी खामियों का फायदा उठाकर किसी के भी द्वारा छात्रों के अंक बदले जा सकते थे।
CBSE का जवाब
हालांकि CBSE ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि निसर्गा द्वारा साझा किए गए यूआरएल एक परीक्षण साइट (http://cbse.onmark.co.in) के थे, जिसमें केवल नमूना डेटा था। बोर्ड ने कहा कि वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल इससे पूरी तरह अलग है और उसमें कोई सुरक्षा भंग नहीं हुआ है। फिलहाल इस मामले की जांच भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल (CERT-In) कर रहा है।




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