बंगाल में धुरंधरों पर भरोसा, 'दीदी' को नहीं करेगी टारगेट; जानें भाजपा का सीक्रेट प्लान
भगवा पार्टी का यह भी मानना है कि पिछली बार भाजपा ने ममता बनर्जी पर सीधे हमले किए थे और ‘दीदी’ के संबोधन से करारे प्रहार किए थे, जिससे ममता बनर्जी अपने लिए सहानुभूति जुटा सकी थी। इस बार वह स्थितियां नहीं हैं।

Bengal Elections: भाजपा ने पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों में अपने प्रचार अभियान में वरिष्ठ नेताओं से रणनीतिक प्रचार कराने जा रही है। पार्टी के लगभग 50 प्रमुख केंद्रीय एवं दूसरे राज्यों के नेता पूरे राज्य में प्रचार करेंगे, इनमें केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। दो चरणों वाले चुनाव में भाजपा ममता बनर्जी को घेरने के लिए सारे दांव चल रही है। राज्य में एसआईआर पुनरीक्षण से आए बदलाव से भाजपा की उम्मीदें बढ़ी हैं। पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में चुनाव हो रहा है, जबकि पिछली बार आठ चरणों में हुआ था।
कोरोना काल में हुए पिछले चुनाव में हालात को देखते हुए भाजपा ने आखिरी के तीन चरणों में जमीनी प्रचार बंद कर दिया था, जबकि तृणमूल कांग्रेस का जारी रहा था। पार्टी का मानना है कि इससे उसे नुकसान हुआ था और लंबा चुनाव होने से ममता बनर्जी को ज्यादा मौका मिला था। इस बार दो चरणों में चुनाव होने से भाजपा के लिए पिछली बार की तुलना में स्थितियां बेहतर हैं।
भगवा पार्टी का यह भी मानना है कि पिछली बार भाजपा ने ममता बनर्जी पर सीधे हमले किए थे और ‘दीदी’ के संबोधन से करारे प्रहार किए थे, जिससे ममता बनर्जी अपने लिए सहानुभूति जुटा सकी थी। इस बार वह स्थितियां नहीं हैं। ममता बनर्जी का सीधा नाम लेने से बचा जा रहा है और दीदी जैसे संबोधन भी सुनाई नहीं दे रहे हैं, ताकि ममता बनर्जी चुनाव को अपने ऊपर लेकर न जा सकें।
धुरंधरों की फौज
सूत्रों के अनुसार, पार्टी के अभियान के केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रहेंगे, लेकिन केंद्रीय नेताओं में सबसे ज्यादा प्रचार गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। वह तीन चौथाई जिलों को सीधे तौर पर संभालेंगे, बाकी को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन केंद्रित करेंगे। वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान भी लगातार दौरे करेंगे। मुख्यमंत्रियों में योगी आदित्यनाथ, हेमंत विस्व सरमा, माणिक शाह, भजनलाल शर्मा, मोहन चरण माझी, मोहन यादव, देवेंद्र फडणवीस और विष्णु साय रणनीतिक सीटों पर फोकस करेंगे।
TMC के वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश
भाजपा जंगल महल के पश्चिमी जिलों के आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ को ज्यादा मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मतुआ बहुल (नदिया-उत्तर 24 परगना) क्षेत्र से भी भाजपा को काफी उम्मीदें हैं। सीएए लागू होने के बाद भाजपा मतुआ समुदाय के बीच पैठ बढ़ाकर तृणमूल कांग्रेस के वोट बैंक में सेंधमारी की कोशिश कर रही है। राज्य की मुस्लिम बहुल लगभग 85 सीटों पर एसआईआर के बाद बदलाव के साथ भाजपा बूथ स्तर की मजबूती और फर्जी मतदान पर रोक लगाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।




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