Recounting His Own Story CJI Surya Kant Dismisses Lawyer Petition What He Said अपनी कहानी सुनाकर CJI सूर्यकांत ने खारिज कर दी वकील की याचिका, जानें क्या कहा, India News in Hindi - Hindustan
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अपनी कहानी सुनाकर CJI सूर्यकांत ने खारिज कर दी वकील की याचिका, जानें क्या कहा

सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष अधिवक्ता (सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट आन रिकार्ड) प्रेरणा गुप्ता की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए खारिज कर दिया।

Sat, 9 May 2026 06:06 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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अपनी कहानी सुनाकर CJI सूर्यकांत ने खारिज कर दी वकील की याचिका, जानें क्या कहा

CJI Surya Kant: देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने शुक्रवार को कहा कि वह करियर की शुरुआती दिनों में न्यायिक सेवा में शामिल होना चाहते थे, लेकिन हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ जज की सलाह पर वकील बनना बेहतर समझा। सीजेआई सूर्यकांत ने अपना यह किस्सा न्यायिक सेवा परीक्षा में उत्तर पुस्तिका की मांग को लेकर एक अधिवक्ता की याचिका पर सुनवाई के दौरान सुनाया।

सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष अधिवक्ता (सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट आन रिकार्ड) प्रेरणा गुप्ता की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए खारिज कर दिया। दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा में शामिल हुई याचिकाकर्ता गुप्ता ने उत्तर पुस्तिका की दोबारा मूल्यांकन की मांग लेकर यह याचिका दाखिल की थी। खुद से अपना पक्ष रख रही अधिवक्ता प्रेरणा गुप्ता जब अपनी बात पर अड़ी रहीं, तो सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ‘चलिए, मैं आपको अपना एक निजी किस्सा सुनाता हूं। मुझे उम्मीद है कि याचिका खारिज होने के बाद भी आप खुशी-खुशी यहां से जाएंगी।’

उन्होंने 1984 के उन दिनों को याद किया, जब वह लॉ के अंतिम वर्ष के छात्र थे और एक न्यायिक अधिकारी बनना चाहते थे। नियमों के अनुसार, उन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली थी और अब उन्हें इंटरव्यू के लिए उपस्थित होना था।

मेरे चैंबर से बाहर निकल जाओ!

सीजेआई ने कहा कि जब परीक्षा के नतीजे आए, तब तक उन्होंने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में वकालत शुरू कर दी थी। इसी दौरान उन्हें इंटरव्यू के लिए बुलाया गया। इंटरव्यू पैनल में शामिल सबसे वरिष्ठ जज वही थे, जिनके सामने उन्होंने हाल ही में दो महत्वपूर्ण मामलों में बहस की थी। सीजेआई ने बताया कि साक्षात्कार शुरू हेने से पहले ही, उस जज ने मुझे अपने चैंबर में बुलाया और पूछा कि क्या तुम सचमुच एक न्यायिक अधिकारी बनना चाहते हो? मैंने जवाब दिया, हां। इस पर उन्होंने तुरंत कहा कि मेरे चैंबर से बाहर निकल जाओ!’ सीजेआई अपना किस्सा सुना रहे थे, तब कोर्ट रूम पूरी तरह खामोश हो गया।

वकील बनने की सलाह

सीजेआई ने बताया कि मैं कांपते हुए चैंबर से बाहर निकला। मेरे सारे सपने चकनाचूर हो चुके थे। मुझे लगा कि उन्होंने मेरी बेइज्जती की है और अब मेरा कॅरियर पूरी तरह से खत्म हो चुका है। लेकिन, अगले ही दिन कहानी में एक नया मोड़ आया और जज ने उन्हें फिर से बुलाया, इस बार उन्होंने एक ऐसी सलाह दी जिसने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी।’ उन्होंने अपने उन दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने कहा कि अगर तुम जज बनना चाहते हो, तो तुम्हारा स्वागत है। लेकिन मेरी सलाह है कि तुम न्यायिक अधिकारी मत बनो। बार तुम्हारा इंतजार कर रहा है। सीजेआई ने कहा कि इसके बाद उन्होंने इंटरव्यू में न जाने का फैसला किया और शुरू में तो अपने माता-पिता को भी इस बारे में नहीं बताया क्योंकि उन्हें डर था कि वे निराश होंगे, इसके बजाय उन्होंने एक वकील के तौर पर अपनी वकालत पर पूरी तरह ध्यान देने का फैसला किया।

सीजेआई ने अधिवक्ता प्रेरणा से पूछा कि अब तुम ही बताओ, क्या मैंने कोई गलत फैसला लिया? इसके साथ ही, पीठ ने अधिवक्ता गुप्ता की याचिका खारिज कर दी। याचिकाकर्ता को सिर्फ एक पेपर के दोबारा मूल्यांकन के बारे में सोचते रहने के बजाय भविष्य की ओर देखने के लिए प्रोत्साहित करते हुए, जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि बार में तुम्हारे लिए बहुत कुछ है। याचिका खारिज हो जाने के बावजूद, वह वकील मुस्कुराते हुए कोर्ट से बाहर निकली।