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Fact Check: पहलगाम हमले का बदला कैसे लेगा भारत, क्या डॉक्युमेंट हो गया लीक?

स्थानीय कश्मीरी सैयद आदिल हुसैन शाह ने बहादुरी दिखाते हुए पर्यटकों को बचाने की कोशिश की, लेकिन शहीद हो गए। हमले के बाद भारत ने सख्त कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि रोकी और पाकिस्तान के खिलाफ कूटनीतिक कार्रवाई शुरू की।

Mon, 28 April 2025 08:11 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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Fact Check: पहलगाम हमले का बदला कैसे लेगा भारत, क्या डॉक्युमेंट हो गया लीक?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई पर नजरें टिकी हुई हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों के खिलाफ भारत कभी भी बड़ा ऐक्शन ले सकता है। इस बीच, पाकिस्तान समर्थक सोशल मीडिया अकाउंट्स से दावा किया जा रहा है कि कुछ गोपनीय दस्तावेज लीक हुए हैं। ये भारतीय सेना की तैयारियों से जुड़े बताए जा रहे हैं। इस तरह का दावा सामने आते ही इंटरनेट यूजर्स के बीच हलचल मच गई। लोग इसकी सत्यता पर सवाल उठाने लगे और पूछा जाने लगा कि आखिर सच्चाई क्या है। चलिए हम आपको इसका जवाब देते हैं।

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वायरल पोस्ट में दावा किया गया, 'युद्ध की तैयारियों पर भारतीय सेना का दस्तावेज लीक हो गया है। आईडीएस मुख्यालय को तनाव बढ़ने की आशंका है और उसका मानना ​​है कि सेना सामरिक झड़प से आगे कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। सेना का मनोबल टूटा हुआ है। इजरायल सक्रिय भूमिका निभा रहा है। सैनिक और अधिकारी भाग रहे हैं!' भारत में इस पोस्ट को लेकर लोगों ने हास्यास्पद बताया और कहा कि पाकिस्तानियों के खुशफहमी के लिए यही एकमात्र जरिया बचा है। पाकिस्तानी अधिकारियों का जल्द ही सच से सामना होगा और वे बहुत पछताएंगे।

फैक्ट चेक में क्या निकलकर आया सामने

बता दें कि पीआईबी फैक्ट में यह दावा पूरी तरह से गलत पाया गया। PIB के एक्स पोस्ट में कहा गया, 'ये दस्तावेज फर्जी हैं। कृपया असत्यापित जानकारी साझा करने से बचें और सटीक जानकारी के लिए केवल भारत सरकार के आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।' 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के निकट बैसरन घाटी में आतंकवादी हमले ने देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 पर्यटकों की जान गई और 20 से अधिक लोग घायल हुए। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' ने इसकी जिम्मेदारी ली। आतंकियों ने हिंदू पर्यटकों को निशाना बनाया, उनके धर्म और नाम पूछकर गोलीबारी की। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद घाटी का सबसे घातक हमला माना जा रहा है। हमलावरों ने एम4 कार्बाइन और एके-47 का इस्तेमाल किया और बॉडी कैमरे से नरसंहार रिकॉर्ड किया।