'एक देश-एक पार्टी' लागू करने की राह पर BJP, PM-CM को हटाने वाले बिल पर प्रियंका चतुर्वेदी
प्रियंका ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हमेशा फेल रही है। 2014 में भी इन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त भारत का जुमला चलाया था, लेकिन इसको लागू करने में सरकार पूरी तरह से फेल रही थी।

केंद्र सरकार द्वारा संसद में पेश किए गए जेल में बंद प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और मंत्रियों को बर्खास्त करने के विधेयक पर उद्धव ठाकरे गुट की सांसद प्रियंका ने अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने शनिवार को दावा किया कि निर्वाचित लोगों को हटाने का यह विधेयक भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक राष्ट्र, एक पार्टी व्यवस्था को लागू करने का प्रयास है।
एएनआई से बात करते हुए प्रियंका ने भाजपा के भ्रष्टाचार मिटाने की बात पर भी तंज जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2014 में भी भ्रष्टाचार मुक्त भारत का दावा किया था, लेकिन यह पूरी तरह से जुमला साबित हुआ सरकार इसे पूरा करने में असफल रही। उन्होंने कहा, “हर कोई चाहता है कि राजनीति में स्वच्छता हो और राजनेता भ्रष्टाचार से दूर रहें। सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत के अपने 2014 के वादे को पूरा करने में भी विफल रही है। सरकार में ही हर स्तर पर यह बढ़ा ही है। इससे साबित होता है कि वह वादा केवल एक जुमला था।”
प्रियंका ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा एक राष्ट्र, एक पार्टी सिस्टम के बारे में कही बात को याद करते हुए कहा कि सरकार द्वारा किया जा रहा नया संविधान संशोधन बीजेपी द्वारा इसी सिस्टम को लागू करने का तरीका है। उन्होंने कहा, “जे पी नड्डा ने लोकसभा चुनावों के दौरान एक राष्ट्र एक पार्टी सिस्टम की बात की थी। अब वह चुनाव आयोग आ ऐसे बिल लाकर लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। यह शर्मनाक है और हम संयुक्त समिति में इसका विरोध करेंगे। यह बिल लोकतंत्र के खिलाफ है।”
आपको बता दें केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन विधेयक पेश किए थे। इनमें से संविधान (130 संशोधन) विधेयक, 2025 भी शामिल था। इस विधेयक के मुताबिक अगर कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और मंत्रियों जैसे पद पर बैठा व्यक्ति गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार 30 दिनों तक जेल में रहते हैं, तो उन्हें स्वतः पद से हटा दिया जाएगा। इस विधेयक को भी केंद्र शासित प्रदेशों की सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 के साथ संसदीय समिति के पास भेज दिया है।




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