Priyanka called the bill to remove tainted PM-CM a black law said- this is an attack on democracy दागी PM-CM को हटाने वाले बिल को प्रियंका ने बताया 'काला कानून', बोलीं- यह लोकतंत्र पर हमला, India News in Hindi - Hindustan
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दागी PM-CM को हटाने वाले बिल को प्रियंका ने बताया 'काला कानून', बोलीं- यह लोकतंत्र पर हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में इस बिल को पेश किया गया। इस बिल के तहत भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों के आरोप में 30 दिन की निरंतर हिरासत होने पर पद से हटाए जाने का प्रावधान है।

Wed, 20 Aug 2025 01:37 PMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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दागी PM-CM को हटाने वाले बिल को प्रियंका ने बताया 'काला कानून', बोलीं- यह लोकतंत्र पर हमला

गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री को पद से हटाने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में तीन विधेयक किया। इन विधेयकों के नाम केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025; संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025 हैं।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस विधेयक को काला कानून और तानाशाही की ओर बढ़ता कदम बताया। उन्होंने कहा, “कल को किसी भी मुख्यमंत्री पर झूठा केस लगाकर 30 दिन तक जेल में रख देंगे और वह पद से हट जाएगा। बिना सजा और बिना दोष सिद्ध हुए ऐसा करना पूरी तरह अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक है। यह जनता की आंखों पर पट्टी बांधने की कोशिश है। यह लोकतंत्र पर हमला है।”

एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “यह विधेयक असंवैधानिक है। प्रधानमंत्री को कौन गिरफ्तार करेगा? भाजपा देश को पुलिस स्टेट बनाना चाहती है।” वहीं, सीपीआईएम के सांसद अमरा राम ने कहा, “अगर 30 दिन की सजा ही पैमाना है तो हर किसी को हटाया जा सकता है। यह विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का तरीका है।”

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सरकार के पास प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को दंडित करने का अधिकार नहीं है। यह विधेयक तानाशाही की ओर ले जाएगा।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में इस बिल को पेश किया गया। इस बिल के तहत भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों के आरोप में 30 दिन की निरंतर हिरासत होने पर पद से हटाए जाने का प्रावधान है। सरकार का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।