इजरायल-ईरान जंग के बीच पीएम मोदी ने बुलाई CCS बैठक, मिडिल ईस्ट में चरम पर तनाव
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग पूरे मिडल-ईस्ट में फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय राजधानी में कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक लेंगे।

इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग पूरे मिडल-ईस्ट में फैलने का खतरा बढ़ गया है। इसी मुद्दे को लेकर आज प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक लेंगे। सूत्रों के अनुसार वह अपने दो दिवसीय दौरे के बाद आज रात दिल्ली पहुंचेंगे उसके बाद वह बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक का मुख्य फोकस इजरायल, ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जंग के ताजा घटनाक्रम और यूएई समेत मिडल-ईस्ट के तमाम देशों में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से संबंधित होगा।
प्रधानमंत्री की यह बैठक इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान में बड़ी मात्रा में भारतीय छात्र और आम लोग मौजूद हैं। इसके अलावा ईरान द्वारा किए जा रहे पलटवार से मिडल-ईस्ट के तमाम देश प्रभावित हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र का एयर स्पेस बंद है, जिसकी वजह से हजारों की संख्या में भारतीय लोग इन देशों में फंसे हुए हैं।
गौरतलब है कि अमेरिका, इजरायल और ईरान में जारी तनाव के बीच ही प्रधानमंत्री मोदी 25-26 जनवरी को इजरायल की यात्रा पर गए थे। यहां पर उन्होंने इजरायली कैबिनेट को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत पूरे विश्वास के साथ इजरायल के साथ खड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री मोदी को इजरायली संसद में स्टैंडिंग ओवेशन भी मिला था। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एआई, डिफेंस, कृषि, ऊर्जा और सांस्कतिक आदान-प्रदान समेत 16 समझौते किए थे।
युद्ध पर भारत का क्या रुख?
इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले में खामेनेई की मृत्यु हो गई है। भारत ने इस हमले से बिगड़े क्षेत्रीय माहौल को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में सभी पक्षों से संयम बरतने और देशों की संप्रभुता का सम्मान करने के लिए कहा गया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजरायल के विदेश मंत्री गिदेओन से बात की थी। अराघची से बातचीत के बाद जयशंकर ने कहा कि उन्होंने “ईरान और क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को लेकर भारत की गहरी चिंता साझा की।” सआ’र से बातचीत में उन्होंने “तनाव कम करने के लिए संवाद और कूटनीति” पर भारत की अपील दोहराई।
इसके अलावा भारत ने अपने नागरिकों के लिए भी नई एडवायजरी जारी की है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ईरान में लगभग 10 हजार भारतीय लोग फंसे हुए हैं, जबकि मध्य-पूर्व में करीब 96 लाख लोग रहते हैं।




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