People have right to criticize even Supreme Court verdicts why did the CJI surya kant say this सुप्रीम कोर्ट के भी फैसलों की आलोचना करने का लोगों को हक, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा, India News in Hindi - Hindustan
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सुप्रीम कोर्ट के भी फैसलों की आलोचना करने का लोगों को हक, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा

डॉ. पंकज पुष्कर की ओर से दाखिल अर्जी में कक्षा आठ की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब में लिखी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई थी कि हाल के फैसले में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को शहर में अतिक्रमण करने वाला माना जाता है।

Sat, 21 March 2026 07:24 AMHimanshu Jha लाइव हिन्दुस्तान
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सुप्रीम कोर्ट के भी फैसलों की आलोचना करने का लोगों को हक, CJI सूर्यकांत ने ऐसा क्यों कहा

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि लोगों को हमारे फैसलों की आलोचना करने का अधिकार है। शीर्ष अदालत ने एनसीईआरटी की 8वीं कक्षा की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब से अदालती फैसलों के खिलाफ की गई टिप्पणी को हटाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए यह टिप्पणी की।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि किसी फैसले के बारे में अपनी राय जाहिर करना गलत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने कहा कि ‘यह किसी फैसले के बारे में एक राय है। यह एक स्वस्थ आलोचना है। न्यायपालिका को इस बात को लेकर इतना अधिक संवेदनशील क्यों होना चाहिए? किताब का यह हिस्सा बताता है कि न्यायपालिका की बनावट कैसी है, वे कैसे काम करते हैं और क्या-क्या किया है?’

सीजेआई ने कहा कि ‘इसमें उनके कुछ अच्छे कामों को भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, कुछ ऐसे अदालती फैसले भी हैं जिनके बारे में लोगों का मानना है कि वे आम लोगों के सर्वोत्तम हितों के खिलाफ काम करते हैं...यह किसी फैसले के बारे में एक दृष्टिकोण है, लोगों को हमारे फैसलों की आलोचना करने का अधिकार है।’

एनसीईआरटी के पूर्व सदस्य डॉ. पंकज पुष्कर की ओर से दाखिल अर्जी में कक्षा आठ की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब में लिखी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई थी कि हाल के फैसले में झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को शहर में अतिक्रमण करने वाला माना जाता है।

केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका से जुड़े पाठ्य की समीक्षा के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाई है। सरकार ने कहा है कि विशेषज्ञ समिति में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा, भारत के सरकार के पूर्व अटार्नी जनरल व वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल और भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के निदेशक व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अनिरुद्ध बोस शामिल होंगे।