Palakkad MLA Rahul Mamkootathil case kerala high court hearing in rape case अविवाहित पुरुष के कई यौन संबंध होने में क्या गलत है, रेप के आरोपी MLA के केस में बोला HC, India News in Hindi - Hindustan
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अविवाहित पुरुष के कई यौन संबंध होने में क्या गलत है, रेप के आरोपी MLA के केस में बोला HC

कोर्ट ने कहा, 'जब कानून के तहत एक विवाहित व्यक्ति के साथ भी सहमति से संबंध बनाने की अनुमति है, तो फिर एक अविवाहित पुरुष के कई व्यक्तियों के साथ सहमति से यौन संबंध बनाने में क्या गलत है। इसमें गलत क्या है और इस आधार पर यह जमानत कैसे खारिज की जा सकती है।'

Thu, 29 Jan 2026 09:33 AMNisarg Dixit लाइव हिन्दुस्तान
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अविवाहित पुरुष के कई यौन संबंध होने में क्या गलत है, रेप के आरोपी MLA के केस में बोला HC

केरल विधायक राहुल ममकूटाथिल की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने बड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट का कहना है कि किसी अविवाहित पुरुष के कई लोगों से सहमति से शारीरिक संबंध बनाने में परेशानी क्या है। राहुल तिरुवनंतपुरम सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के खिलाफ केरल हाईकोर्ट पहुंचे थे। आरोपों के बाद कांग्रेस ने राहुल को बीते साल अगस्त में निलंबित कर दिया था।

केरल हाईकोर्ट ने सवाल उठाए कि सिर्फ इस आधार पर जमानत याचिका क्यों खारिज होनी चाहिए कि आरोपी के कई महिलाओं से यौन संबंध थे। जस्टिस कौसर एडप्पागाथ याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। हाईकोर्ट ने दिसंबर में राहुल की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। बुधवार को अदालत ने अग्रिम जमानत के खिलाफ अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गईं दलीलों पर सवाल उठाए।

कोर्ट ने कहा, 'जब कानून के तहत एक विवाहित व्यक्ति के साथ भी सहमति से संबंध बनाने की अनुमति है, तो फिर एक अविवाहित पुरुष के कई व्यक्तियों के साथ सहमति से यौन संबंध बनाने में क्या गलत है। इसमें गलत क्या है और इस आधार पर यह जमानत कैसे खारिज की जा सकती है।'

दरअसल, अभियोजन पक्ष ने कहा थआ कि राहुल के खिलाफ दर्ज मामले महिलाओं के खिलाफ धमकाने और अपराधों का एक पैटर्न दिखाते हैं।

क्या है केस

राहुल ममकूटाथिल के खिलाफ तीन यौन हिंसा के मामले दर्ज हैं। वह पहले ही दो मामलों में जमानत हासिल कर चुके हैं। साथ ही मौजूदा मामले में कोर्ट ने गिरफ्तारी से सुरक्षा दी है। मौजूदा याचिका 27 नवंबर 2025 को एक महिला और उनके परिवार की ओर से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को सौंपे पत्र से जुड़ी है। पत्र के जरिए विधायक पर बलात्कार और जबरन गर्भपात कराने के आरोप लगाए गए थे।

महिला के आरोप थे कि विधायक ने बगैर उनकी सहमति के निजी वीडियो रिकॉर्ड किए और वायरल करने की धमकी दी।

कोर्ट में क्या हुआ

कोर्ट ने पाया कि आरोपी और शिकायतकर्ता महिला कथित अपराध के पहले सहमति से संबंध में थे। पीड़िता ने स्वीकार किया है कि वह कथित अपराध के बाद पलक्कड़ चली गई थीं और राहुल के साथ 2 दिनों तक रही थीं। कोर्ट ने कहा कि उन्होंने सहमति से सेक्स की बात भी स्वीकार की है।

शिकायतकर्ता के बयान को देखते हुए कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से यह साफ करने को कहा कि कृत्य सहमति से सेक्स था या जबरदस्ती यौन संबंध का है। जज ने कहा, 'हम धारा 376 के तहत बलात्कार के अपराध पर बात कर रहे हैं। नग्न वीडियो बनाना एक अलग अपराध है और अगर वह किया गया है तो उसपर अलग से विचार किया जा सकता है।'

बुधवार को हुई सुनवाई के बाद अदालत ने ममकूटाथिल की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अग्रिम जमानत याचिका में राहुल ने माना है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ शारीरिक संबंध बनाए थे, लेकिन उन्होंने दावा किया है कि संबंध सहमति से बने थे। इधर, शिकायतकर्ता का कहना है कि विधायक घटना की गलत जानकारी देकर कोर्ट को गुमराह कर रहा है।

महिला के आरोप हैं कि उनका उत्पीड़न एकबार नहीं हुआ था, बल्कि एक हिंसा और जबरदस्ती का एक पैटर्न था। उन्होंने आरोप लगाए कि राहुल ममकूटाथिल ने उनके साथ बार-बार यौन हिंसा की, शारीरिक उत्पीड़न किया और मानसिक रूप से परेशान किया।

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