पाक अभी भी नोटिस पर है, फिर दुस्साहस किया तो अंजाम बुरा होगा; ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर बोले पूर्व एयर मार्शल
ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने पर भारतीय वायुसेना के पूर्व उप प्रमुख रहे एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने भारत-पाकिस्तान के समीकरण को बदल दिया है। अब पाकिस्तान भारत के खिलाफ किसी भी आतंकी गतिविधि का समर्थन करने से पहले दो बार सोचेगा।

ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने पर पूर्व भारतीय वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी (रिटायर्ड) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अब भी नोटिस पर है अगर कुछ गलत किया तो अंजाम बुरा होगा। इस ऑपरेशन ने भारत-पाकिस्तान समीकरण को बदल दिया है और अब पाकिस्तान भारत के खिलाफ किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि का समर्थन करने से पहले दो बार सोचेगा। उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि भारत ने इस ऑपरेशन के दौरान इतनी तेजी और सटीकता से कार्रवाई की कि वह पाकिस्तान के निर्णय लेने की प्रक्रिया से भी आगे निकल गया। हमने इतनी तेजी से काम किया कि दुश्मन हमारी गति, पहुंच और स्पष्ट लक्ष्यों से पूरी तरह चौंक गया।
ऑपरेशन सिंदूर 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत ने 7 मई की सुबह पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकियों और सैन्य ठिकानों पर हमला किया। यह कार्रवाई 10 मई की शाम तक चली, जिसके बाद सीजफायर हुआ। चार दिन चले इस सैन्य संघर्ष में भारतीय बलों ने पाकिस्तान और PoK में नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम 100 आतंकियों के मारे जाने का दावा किया गया। इसके साथ ही भारतीय वायुसेना ने 13 पाकिस्तानी एयरबेस और सैन्य ठिकानों पर भी सटीक हमले किए। इस दौरान फाइटर जेट, मिसाइल, ड्रोन और तोपखाने का इस्तेमाल हुआ।
एयर पावर बना गेमचेंजर
पूर्व वायुसेना उप प्रमुख एयर मार्शल नर्मदेश्वर तिवारी के मुताबिक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से तीन बड़े सबक सामने आए। पहला, भविष्य के युद्धों में एयर पावर यानी वायु शक्ति निर्णायक भूमिका निभाएगी। दूसरा, भारत का मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम दुश्मन के कई हवाई हमलों को नाकाम करने में बेहद प्रभावी साबित हुआ। तीसरा, सेना, वायुसेना और अन्य बलों के बीच बेहतर समन्वय ने ऑपरेशन की सफलता में अहम योगदान दिया। इसके साथ ही आधुनिक हथियारों और उन्नत तकनीक के इस्तेमाल ने इस कार्रवाई को और अधिक सटीक और प्रभावी बना दिया।
इन हथियारों का हुआ इस्तेमाल
ऑपरेशन में भारत ने उन्नत हथियारों और तकनीक का इस्तेमाल किया, जिनमें राफेल फाइटर जेट, S-400 ट्रायम्फ और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल जैसे सिस्टम शामिल हैं। तिवारी ने कहा कि यह क्षमता अचानक नहीं बनी, बल्कि पिछले 10-15 वर्षों में विकसित हुई है।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना (IAF) की सटीक और तेज कार्रवाई से पाकिस्तान को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा। भारतीय वायुसेना (IAF) के अनुसार इस सैन्य टकराव में पाकिस्तान के 12 से 13 लड़ाकू विमान, जिनमें F-16 और JF-17 शामिल हैं, नष्ट कर दिए गए। हालांकि, इस संघर्ष में भारत को भी कुछ नुकसान हुआ है, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई ।
नर्मदेश्वर तिवारी ने बताया कि कि ऑपरेशन के दौरान वायुसेना ने अपनी मुख्य क्षमताओं का प्रभावी इस्तेमाल किया। इसमें राफेल फाइटर जेट, S-400 ट्रायम्फ और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल जैसे अत्याधुनिक हथियार शामिल रहे। इस तरह की सैन्य क्षमता अचानक विकसित नहीं होती, बल्कि यह 10-15 वर्षों के निरंतर निवेश और तकनीकी विकास का परिणाम है। ऑपरेशन सिंदूर ने लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता और मजबूत इंटेलिजेंस-टारगेटिंग सिस्टम के महत्व को भी साबित किया।
7 मई को आतंकी ठिकानों को बनाया निशाना
ऑपरेशन के तहत 7 मई की सुबह IAF ने पाकिस्तान के बहावलपुर और मुरीदके में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया, जबकि थलसेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में कई स्थानों पर कार्रवाई की। इसके जवाब में पाकिस्तान ने 7-8 मई की रात ड्रोन और मिसाइलों से भारत के कई शहरों पर हमला करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हमलों को विफल कर दिया। इसके बाद 9 और 10 मई को IAF ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। चार दिन चले इस सैन्य टकराव में दोनों देशों के बीच तीव्र संघर्ष देखने को मिला।
नर्मदेश्वर तिवारी ने कहा कि भविष्य के युद्धों को देखते हुए भारत को स्पेस टेक्नोलॉजी, ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम के साथ-साथ स्वदेशी हथियारों के विकास पर और जोर देना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर अभी समाप्त नहीं हुआ है। पाकिस्तान अभी भी नोटिस पर है और किसी भी उकसावे पर भारत कड़ा और तत्काल जवाब देने के लिए तैयार है।




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