Pakistan is playing International court game over Indus Water Treaty know India is responding नहीं मानेंगे इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश, सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना, India News in Hindi - Hindustan
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नहीं मानेंगे इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश, सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

पाकिस्तान सिंधु जल संधि पर कोर्ट-कोर्ट खेल रहा है। दूसरी ओर भारत का रूख पहले से ही स्पष्ट है। अब भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को स्पष्ट रूप से मानने से इनकार कर दिया है।

Mon, 2 Feb 2026 05:19 PMDevendra Kasyap लाइव हिन्दुस्तान
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नहीं मानेंगे इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश, सिंधु जल संधि पर भारत ने पाकिस्तान को दिखाया आईना

पाकिस्तान सिंधु जल संधि पर कोर्ट-कोर्ट खेल रहा है। दूसरी ओर भारत का रूख पहले से ही स्पष्ट है। अब भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को स्पष्ट रूप से मानने से इनकार कर दिया है। भारत का कहना है कि यह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन अवैध रूप से गठित है और इसके आदेशों को भारत मान्यता नहीं देता। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत को निर्देश दिया था कि वह अपने जलविद्युत संयंत्रों के परिचालन रिकॉर्ड (विशेष रूप से बगलिहार और किशनगंगा परियोजनाओं के पोंडेज लॉगबुक) प्रस्तुत करे, ताकि आगे की सुनवाई में इनका उपयोग किया जा सके। अदालत ने 9 फरवरी 2026 तक इन दस्तावेजों को सौंपने या अनुपालन न करने पर औपचारिक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है।

दरअसल, हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय (Court of Arbitration) सिंधु जल संधि के ढांचे के तहत नई सुनवाई और दस्तावेज आदेशों के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन कार्यवाहियों की वैधता को मान्यता नहीं देता और इनमें भाग नहीं लेगा। बता दें कि विवाद का मुख्य केंद्र बिंदु सिंधु जल संधि (IWT) के तहत गठित मध्यस्थता न्यायालय (CoA) द्वारा पिछले सप्ताह जारी किया गया एक आदेश है, जिसमें भारतीय जलविद्युत संयंत्रों से संबंधित 'पोंडेज लॉगबुक' को 'गुण-दोष पर दूसरे चरण' के हिस्से के रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।

गौरतलब है कि कोर्ट ने हेग के पीस पैलेस में 2-3 फरवरी को सुनवाई निर्धारित की है और यह भी दर्ज किया है कि भारत ने कोई प्रति-स्मृति पत्र ( Counter Memorial) दाखिल नहीं किया है और न ही भागीदारी का कोई संकेत दिया है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी सूत्रों ने कहा कि ‘तथाकथित अवैध रूप से गठित’ CoA (तटस्थ विशेषज्ञ के अलावा) समानांतर कार्यवाही जारी रखे हुए है। चूंकि हम CoA की वैधता को मान्यता नहीं देते, इसलिए हम इसके किसी भी संचार का जवाब नहीं देते। इसके अलावा, क्योंकि सिंधु जल संधि स्थगित है, इसलिए भारत जवाब देने के लिए बाध्य नहीं है।

बता दें कि भारत ने अप्रैल में पहलगाम में हुए हमले के बाद औपचारिक रूप से सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। तब से ही इस मुद्दे को लेकर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गाल बजा रहा है। पिछले 9 महीनों में पाकिस्तान ने कई देशों की राजधानियों में प्रतिनिधिमंडल भेजे हैं, संयुक्त राष्ट्र को पत्र लिखे हैं, दस से अधिक कानूनी कार्रवाइयां शुरू की है और कई अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किए हैं।