Opposition parties sought clear information from the government on Women Reservation Act महिला आरक्षण में बदलना क्या है, पहले डिटेल में बताएं; विपक्ष की सरकार से मांग, India News in Hindi - Hindustan
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महिला आरक्षण में बदलना क्या है, पहले डिटेल में बताएं; विपक्ष की सरकार से मांग

विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि बिना पूरी जानकारी दिए संशोधन लाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खड़गे ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सहमति जताई कि पारदर्शिता के बिना कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

Tue, 24 March 2026 05:43 PMNiteesh Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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महिला आरक्षण में बदलना क्या है, पहले डिटेल में बताएं; विपक्ष की सरकार से मांग

विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन पर सरकार से स्पष्ट जानकारी मांगी है और सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष के दलों की बैठक मंगलवार सुबह हुई, जिसमें यह फैसला लिया गया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखकर सरकार से विस्तृत नोट मांगा जाएगा। इस नोट में संशोधन की सटीक रूपरेखा बताई जाए ताकि बैठक फलदायी हो सके। विपक्ष का कहना है कि संशोधन को लेकर रहस्य बना हुआ है, जिससे पारदर्शिता की कमी दिख रही है।

विपक्षी दलों ने मांग की है कि विधानसभा चुनावों का मौजूदा दौर 29 अप्रैल 2026 को पूरा होने के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हो। विपक्ष सरकार पर आरोप लगा रहा है कि बिना पूरी जानकारी दिए संशोधन लाने की कोशिश की जा रही है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खड़गे ने बैठक में सभी दलों के नेताओं से सहमति जताई कि पारदर्शिता के बिना कोई भी कदम आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

विपक्ष की क्या है मांग

सरकार से मांगे जा रहे नोट में संशोधन के उद्देश्य, प्रभावित क्षेत्र और लागू होने की समयसीमा जैसी अहम जानकारियां शामिल करने की मांग की गई है। विपक्षी दल मानते हैं कि महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए संशोधन जरूरी है, लेकिन इसके बिना चर्चा व्यर्थ होगी। किरेन रिजिजू को लिखे जाने वाले पत्र में इन सभी बिंदुओं को स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया जाएगा ताकि सरकार अपनी मंशा साफ कर सके।

विपक्ष की यह मांग लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा का विषय बन सकती है। अगर सरकार नोट उपलब्ध कराती है तो सर्वदलीय बैठक में सभी दलों के विचारों को शामिल कर सकारात्मक दिशा निकाली जा सकती है। इस मुद्दे पर विपक्ष एकजुट दिख रहा है और इसे महिला सशक्तिकरण से जोड़कर देख रहा है। कह सकते हैं कि पारदर्शिता और सहमति पर आधारित प्रक्रिया ही लोकतंत्र को मजबूत करेगी।